Sliderदेश-विदेश

सपा को दलित नहीं, सिर्फ उनके वोटों से मतलब : ब्रजेश पाठक

सपा को दलित नहीं, सिर्फ उनके वोटों से मतलब

दलित महापुरुषों का अपमान करते हैं अखिलेश, उन्हें सामाजिक समरसता से कोई सरोकार नहीं

भाजपा ने डॉ. आंबेडकर की जन्मस्थली को बनाया तीर्थ स्थली

उप मुख्यमंत्री ने लगातार चौथे दिन घोसी में किया जनसंपर्क

लखनऊ। 31 अगस्त
सपा ने सदैव दलित समाज का अपमान किया है। उनके नेताओं को दलितों से नहीं सिर्फ उनके वोटों से मतलब है। सपा दलित महापुरुषों का भी अपमान करती है। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के लिए काम किया। उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। भाजपा ने उनकी जन्मस्थली को तीर्थ स्थल घोषित किया एवं तमाम अन्य योजनाएं भी शुरू कीं।
यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। वे घोसी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर कोपागंज स्थित बापू डिग्री कॉलेज में सामाजिक समरसता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी सदैव दलितों का शोषण करती है। दलित अधिकारों की रक्षा को लेकर अखिलेश यादव ने हमेशा चुप्पी साधी है।

भाजपा ने किया पंच तीर्थ में शामिल
उन्होंने कहा कि भाजपा ने डॉ. आंबेडकर के सपने को साकार करते हुए तमाम जनकल्याणकारी नीतियों को लागू किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी जन्म स्थली महू, दीक्षाभूमि नागपुर, महा परिनिर्माण स्थली नई दिल्ली और चैत्य भूमि मुंबई, संत रविदास मंदिर वाराणसी को पंचतीर्थ में शामिल किया। पूरे देश में संविधान दिवस का आयोजन कर केन्द्र व प्रदेश सरकार ने डॉ. आंबेडकर और संविधान की रचना में उनके महत्वपूर्ण योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। वर्ष 2017 में उनकी तस्वीर सभी सरकारी कार्यालयों में लगाना अनिवार्य किया।

स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
बाबा साहब और पं. दीन दयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करते हुए देश के आजादी के सात दशक बाद पहली बार दलितों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए स्टैण्ड-अप इंडिया योजना सहित स्वरोजगार योजना से हजारों दलितों को जोड़ा गया। प्रदेश के दलितों को विकास से जोड़ने के लिए प्रदेश के 1384 अनुसूचित जाति बहुल्य गांवों को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत आदर्श गांव के रूप में लगातार विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में हाथ से मैला उठाने के कार्य से मुक्त हुए चन्हिति 30375 स्वच्छकारों में से 19385 स्वच्छकारों को प्राथमिक सहायता के रूप में आर्थिक सहायता प्राप्त कराई जा चुकी है।

समाज में किया मानक स्थापित
डिप्टी सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश के महू जैसी छोटी जगह पर जन्मे डॉ. आंबेडकर ने सामाजिक बुराइयों को सहन करते हुऐ समाज के सामने एक मानक स्थापित किया। दुनिया में शिक्षा की उच्चतम डिग्री हासिल की और भारत वापस आकर देश में संविधान के शिल्पी के रूप में अभूतपूर्व योगदान दिया।

Related Articles

Back to top button