
Breaking Today, Digital Desk : अक्सर हम देखते हैं कि राजनीति में तीखी बयानबाजी चलती रहती है, लेकिन कभी-कभी ये इतनी बढ़ जाती है कि लोगों का ध्यान खींच लेती है. हाल ही में कुछ ऐसा ही हुआ जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा. मौका था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए कुछ नारों का, जिसे लेकर शाह ने राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की.
अमित शाह ने साफ-साफ कहा कि राहुल गांधी ‘नफरत और नकारात्मकता की राजनीति’ कर रहे हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री जैसे पद के लिए इस तरह के अपमानजनक नारे लगाना बिल्कुल गलत है और ये हमारी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है. शाह का कहना था कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना सबका अधिकार है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम किसी पर भी व्यक्तिगत हमले करें या अपशब्दों का इस्तेमाल करें.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है और सभी पार्टियां एक-दूसरे पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं. अमित शाह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या विपक्ष सचमुच नकारात्मक राजनीति का सहारा ले रहा है, या फिर ये सत्ताधारी दल की तरफ से एक पलटवार है.
अब देखना ये होगा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी इस आरोप का जवाब कैसे देती है और ये पूरा मामला आगे चलकर क्या मोड़ लेता है. लेकिन एक बात तो तय है, इस तरह की बयानबाजी से राजनीति का पारा और चढ़ने वाला है.






