
Breaking Today, Digital Desk : मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने करूर में हुए भगदड़ को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इन अफवाहों को “दर्दनाक और गैर-जिम्मेदाराना” बताया है। यह घटना करूर के पास, थोट्टियम में एक मंदिर के उत्सव के दौरान हुई, जिसमें चार महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
स्टालिन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि सरकार मृतकों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से ऐसी संवेदनशील स्थिति में अफवाहें न फैलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें पीड़ितों और उनके परिवारों के दर्द को और बढ़ा सकती हैं।
घटना का विवरण
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उस समय हुई जब मंदिर में दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। बताया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने में कुछ अव्यवस्था हुई, जिसके कारण भगदड़ मच गई। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और उनका इलाज चल रहा है।
जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने घटना की पूरी जांच के आदेश दिए हैं ताकि इसके पीछे के कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मंदिर परिसरों और सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन के लिए stricter सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करें।
सोशल मीडिया की भूमिका पर चिंता
स्टालिन ने सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं और अफवाहों के तेजी से फैलने पर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि लोग किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें, खासकर जब यह किसी त्रासदी या संवेदनशील घटना से संबंधित हो।
सामुदायिक एकजुटता का आह्वान
मुख्यमंत्री ने इस कठिन समय में सभी से एकजुट रहने और प्रभावित परिवारों का समर्थन करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति करने या आरोप-प्रत्यारोप लगाने का नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का है।




