
Breaking Today, Digital Desk : अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर सतह पर आ गया है। तालिबान ने अचानक एक महत्वपूर्ण पाकिस्तानी सैन्य प्रतिनिधिमंडल की कंधार यात्रा को रद्द कर दिया है। यह घटना दोनों देशों के बीच बढ़ते अविश्वास और गहरे मतभेदों को उजागर करती है, खासकर सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर।
आधिकारिक तौर पर तालिबान ने इस दौरे को “खराब मौसम” का हवाला देकर स्थगित करने की बात कही है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि असली वजह पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में किए गए हालिया हवाई हमले हैं। बताया जा रहा है कि इन हमलों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया था। हालांकि, पाकिस्तान या तालिबान दोनों में से किसी ने भी इन हमलों की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
यह दौरा दोनों देशों के लिए काफी अहम माना जा रहा था। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में मध्यम स्तर के सैन्य अधिकारी शामिल थे, जिन्हें तालिबान के खुफिया एजेंसी के उप-प्रमुख और एक प्रभावशाली नेता मुल्ला शिरीन अखुंद से मिलना था। मुल्ला शिरीन को तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा का करीबी माना जाता है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा प्रतिबंधित संगठन TTP और सीमा पर सहयोग से जुड़े मुद्दों का हल निकालना था।
यह पहली बार नहीं है जब दोनों देशों के बीच TTP को लेकर तनाव बढ़ा है। पाकिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि TTP को अफगानिस्तान में सुरक्षित पनाहगाहें मिली हुई हैं, जबकि तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है। मार्च महीने में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर हवाई हमले करने की बात स्वीकार की थी।
इस ताजा घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में एक और गांठ डाल दी है। जहाँ एक ओर पाकिस्तान आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए दबाव बना रहा है, वहीं तालिबान अपनी संप्रभुता में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध कर रहा है। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से इस मामले पर चुप्पी साध ली गई है, लेकिन इस दौरे के रद्द होने से आपसी विश्वास और सहयोग की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।[




