आपका खाना पहुंचाने वाला, जान बचाने को भागा, अमेरिका में प्रवासियों का नया शिकार…
Your food delivery man flees for his life, new victim of migrants in America...

Breaking Today, Digital Desk : आप सोच रहे होंगे मैं किस बारे में बात कर रहा हूँ? तो सुनिए! यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि अमेरिका के ऑस्टिन शहर की एक सच्ची घटना है, जिसने सबकी रूह कंपा दी है। एक बेचारा खाना पहुंचाने वाला डिलीवरी वर्कर, जो बस अपना काम कर रहा था, अचानक अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंट्स के चंगुल में फंसते-फंसते बचा!
कल्पना कीजिए! आप अपना काम कर रहे हैं, किसी के लिए खाना लेकर जा रहे हैं, और अचानक कुछ लोग आपको पकड़ने के लिए पीछे पड़ जाते हैं। वो भी इसलिए क्योंकि आपके पास सही कागजात नहीं हैं। ये तो कुछ वैसा ही हुआ जैसे “भूख मिटाने चला था, खुद की जान आफत में आ गई!”
जिस फूड डिलीवरी ऐप के लिए ये वर्कर काम कर रहा था, उसके ग्राहकों ने ही यह सारी आपबीती सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने बताया कि कैसे एजेंट्स ने उसे घेर लिया था और वो बेचारा अपनी जान बचाने के लिए भागता रहा। सोचिए, एक इंसान कितनी दहशत में होगा!
यह घटना सिर्फ उस एक डिलीवरी वर्कर की नहीं है, बल्कि उन हज़ारों-लाखों प्रवासियों की कहानी बयां करती है जो बेहतर ज़िंदगी की तलाश में दूसरे देशों में जाते हैं। कई बार उनके पास सारे कानूनी दस्तावेज़ नहीं होते, और ऐसे में वे हमेशा इस डर में जीते हैं कि कभी भी उन्हें पकड़कर वापस भेजा जा सकता है।
अब ये सवाल उठता है कि क्या किसी इंसान को सिर्फ इसलिए इतनी खौफनाक स्थिति में धकेल देना सही है, क्योंकि वो अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी कमा रहा था? क्या मानवीयता से बढ़कर सिर्फ नियम-कानून होते हैं?
इस घटना ने एक बार फिर अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या एक विकसित देश को ऐसे लोगों के प्रति थोड़ी संवेदनशीलता नहीं दिखानी चाहिए जो सिर्फ अपना पेट भरने के लिए इतनी मेहनत कर रहे हैं?
खैर, अच्छी बात ये है कि वो डिलीवरी वर्कर बच निकला। लेकिन ये किस्सा हमें सिखाता है कि हमारे आस-पास ऐसे कितने ही लोग हैं जो रोज़ाना ऐसी मुश्किलों का सामना करते हैं। अगली बार जब आपका खाना लेट हो जाए या कोई डिलीवरी वाला परेशान दिखे, तो शायद उसकी परेशानी के पीछे ऐसी ही कोई कहानी छिपी हो।






