Sliderराजनीति

राजनीति का नया दांव, जब विपक्ष ने ही जिताया सत्ताधारी उम्मीदवार…

A new political move, when the opposition made the ruling candidate win...

Breaking Today, Digital Desk : उपराष्ट्रपति चुनाव में कुछ चौंकाने वाली क्रॉस-वोटिंग देखने को मिली, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘इंडिया’ ब्लॉक के उन सांसदों को धन्यवाद दिया जिन्होंने सत्ताधारी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।

रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह दिखाता है कि कुछ विपक्षी सांसद भी देश के विकास में सरकार का साथ देना चाहते हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक अच्छा संकेत बताया।

क्रॉस-वोटिंग क्या है?

क्रॉस-वोटिंग का मतलब है जब किसी राजनीतिक दल का सदस्य अपनी पार्टी के उम्मीदवार के बजाय किसी दूसरी पार्टी के उम्मीदवार को वोट देता है। उपराष्ट्रपति चुनाव एक गुप्त मतदान प्रक्रिया है, इसलिए यह पता लगाना मुश्किल होता है कि किसने किसे वोट दिया, लेकिन वोटों की गिनती के बाद इसका अनुमान लगाया जा सकता है।

राजनीतिक गलियारों में इस बात की खूब चर्चा है कि आखिर ‘इंडिया’ ब्लॉक के कितने सांसदों ने क्रॉस-वोटिंग की और इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं। कुछ लोग इसे ‘इंडिया’ ब्लॉक के भीतर फूट के तौर पर देख रहे हैं, तो कुछ इसे सांसदों की व्यक्तिगत पसंद मान रहे हैं।

यह घटना दिखाती है कि भारतीय राजनीति में समीकरण कितनी तेज़ी से बदल सकते हैं और कई बार पार्टियों की तय लाइनों से हटकर भी मतदान हो सकता है।

Related Articles

Back to top button