
Breaking Today, Digital Desk : मद्रास हाईकोर्ट ने करूर भगदड़ मामले में CBI जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में सीधे तौर पर प्रभावित पक्ष नहीं है।
क्या था मामला?
करूर में हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद, एक व्यक्ति ने मद्रास हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर कर मामले की CBI जांच की मांग की थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि स्थानीय पुलिस जांच ठीक से नहीं कर रही है और मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए CBI जांच जरूरी है।
कोर्ट ने क्या कहा?
मद्रास हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहा है कि वह इस घटना से सीधे तौर पर प्रभावित है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जनहित याचिका केवल उन्हीं मामलों में स्वीकार्य है जहां याचिकाकर्ता का कोई व्यक्तिगत हित न हो और वह समाज के बड़े हित में याचिका दायर कर रहा हो, या फिर वह मामले से सीधे तौर पर प्रभावित हो। इस मामले में, कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता न तो घटना से सीधे प्रभावित था और न ही उसने यह साबित किया कि वह बड़े जनहित में याचिका दायर कर रहा है।
आगे क्या?
इस फैसले के बाद, करूर भगदड़ मामले की जांच स्थानीय पुलिस ही करती रहेगी। हालांकि, पीड़ित पक्ष या घटना से सीधे प्रभावित कोई भी व्यक्ति अभी भी उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत न्याय की मांग कर सकता है।






