
Breaking Today, Digital Desk : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने खालिस्तानी समर्थक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए कनाडा पर दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने कनाडा के एनएसए से साफ शब्दों में कहा है कि भारत-कनाडा संबंधों के लिए यह बेहद ज़रूरी है कि ओटावा खालिस्तानी चरमपंथियों पर ठोस कार्रवाई करे। डोभाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि इन तत्वों को कनाडाई धरती से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
डोभाल का कड़ा संदेश:
खुफिया विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अजीत डोभाल ने अपने कनाडाई समकक्ष को स्पष्ट कर दिया है कि अगर कनाडा इन खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है, तो भारत को अपने दम पर कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कनाडाई धरती से भारत विरोधी गतिविधियों के कारण दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
कनाडा में बढ़ रही हैं खालिस्तानी गतिविधियाँ:
हाल के दिनों में कनाडा में खालिस्तानी समर्थक गतिविधियों में तेज़ी देखी गई है, खासकर ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) जैसे संगठनों द्वारा। ये संगठन कथित तौर पर पंजाब में हिंसा और अलगाववाद को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। कनाडा में कुछ खालिस्तानी समर्थक नेताओं ने भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं और भारतीय राजनयिकों को भी निशाना बनाया है।
ताज़ा घटनाक्रम: खालिस्तानी चरमपंथी की गिरफ्तारी
इसी बीच, ओटावा में एक खालिस्तानी चरमपंथी को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब भारत लगातार कनाडा पर इन तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बना रहा है। उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों पर कुछ हद तक लगाम लगेगी।
आगे क्या होगा?
भारत और कनाडा के बीच इस मुद्दे पर लगातार बातचीत जारी है। देखना होगा कि कनाडा भारत की चिंताओं को कितनी गंभीरता से लेता है और खालिस्तानी चरमपंथियों पर नकेल कसने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है। यह दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।




