
Breaking Today, Digital Desk : क्या आप जानते हैं कि नेपाल के आर्मी चीफ के पीछे लगी एक तस्वीर पर इतनी चर्चा क्यों हो रही है? यह तस्वीर है नेपाल के इतिहास के एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यक्ति, पृथ्वी नारायण शाह की। लेकिन आखिर क्यों उन्हें लेकर इतनी बातें हो रही हैं और कौन थे वे? आइए जानते हैं…
नेपाल के एकीकरण के सूत्रधार
पृथ्वी नारायण शाह का जन्म 1723 में गोरखा रियासत में हुआ था। वह सिर्फ एक राजा नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने छोटे-छोटे राज्यों में बंटे नेपाल को एक धागे में पिरोया। उनके शासनकाल में ही आधुनिक नेपाल की नींव रखी गई थी। उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और सैन्य कौशल से कई राज्यों को जीतकर एक विशाल नेपाल का निर्माण किया।
क्यों हैं वे आज भी प्रासंगिक?
पृथ्वी नारायण शाह को नेपाल में ‘राष्ट्र निर्माता’ के रूप में जाना जाता है। उनकी ‘दिव्योपदेश’ (दिव्य उपदेश) आज भी नेपाल की विदेश नीति और शासन के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत मानी जाती है। उन्होंने नेपाल को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र बनाने का सपना देखा और उसे पूरा भी किया।
विवादों में क्यों?
हाल ही में, नेपाल के आर्मी चीफ के दफ्तर में उनकी तस्वीर लगाए जाने पर कुछ विवाद खड़ा हो गया है। कुछ लोग इसे राजशाही की वापसी के संकेत के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ अन्य इसे नेपाल के इतिहास और विरासत का सम्मान मानते हैं। यह दर्शाता है कि पृथ्वी नारायण शाह आज भी नेपाल के जनमानस में कितने गहरे पैठे हुए हैं।
पृथ्वी नारायण शाह सिर्फ एक इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे नेपाल की पहचान और गौरव का प्रतीक हैं। उनकी विरासत आज भी नेपाल के लोगों को प्रेरित करती है और उन्हें अपने राष्ट्र के प्रति एकजुटता का संदेश देती है।



