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भारत में पुरुषों में बढ़ते यूटीआई संक्रमण, जीवनशैली और जागरूकता की कमी एक बड़ी चुनौती…

Increasing UTI infections among men in India, lifestyle and lack of awareness are a big challenge

Breaking Today, Digital Desk : भारत में पुरुषों के बीच मूत्र पथ का संक्रमण (यूटीआई) एक बढ़ती हुई स्वास्थ्य चिंता का विषय बनता जा रहा है। यह समस्या महिलाओं में अधिक आम मानी जाती रही है, लेकिन हाल के दिनों में पुरुषों में इसके मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञ इसके लिए निर्जलीकरण, तनाव और जानकारी के अभाव को प्रमुख कारण मान रहे हैं।

एक समय था जब पुरुषों में यूटीआई को एक असामान्य घटना माना जाता था, जिसका संबंध अक्सर किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से होता था। हालांकि, अब अस्पतालों में दर्द, बार-बार पेशाब आना और बुखार जैसे लक्षणों के साथ पुरुष मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बेंगलुरु जैसे शहरों के डॉक्टर अब हर हफ़्ते 10 ऐसे मामले देख रहे हैं, जबकि पहले महीने में एक या दो मामले ही सामने आते थे।

इस प्रवृत्ति के पीछे कई जीवनशैली से जुड़े कारक हैं। अपर्याप्त पानी पीना प्रमुख कारणों में से एक है। पानी की कमी से पेशाब कम आता है, जिससे बैक्टीरिया को मूत्र पथ में पनपने का मौका मिल जाता है। इसके अलावा, शहरी जीवन का तनाव भी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर रहा है, जिससे शरीर संक्रमणों की चपेट में आ जाता है

विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों में यूटीआई अक्सर अधिक जटिल होता है और इसके लिए गहन उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।[1] पुरुषों में यह संक्रमण गहरा हो सकता है, जिसके लिए इंजेक्शन वाले एंटीबायोटिक दवाओं या यहाँ तक कि अस्पताल में भर्ती होने की भी ज़रूरत पड़ सकती है। पुरुषों में यूटीआई के बढ़ते मामलों के अन्य जोखिम कारकों में मधुमेह, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, गुर्दे की पथरी और बढ़े हुए प्रोस्टेट जैसी समस्याएं शामिल हैं।

रोकथाम और जागरूकता ही इस समस्या से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है। डॉक्टरों का सुझाव है कि पुरुष अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर और शुरुआती लक्षणों को पहचानकर इस समस्या से बच सकते हैं।

बचाव के कुछ प्रमुख उपाय:

पर्याप्त पानी पिएं: दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन मूत्र प्रणाली से बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है।

स्वच्छता का ध्यान रखें: व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।

पेशाब को न रोकें: जब भी पेशाब करने की इच्छा हो, तुरंत जाएं। इसे रोकने से बैक्टीरिया को पनपने का अवसर मिल सकता है।

तनाव का प्रबंधन करें: तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान या अन्य तकनीकों का सहारा लें, क्योंकि तनाव प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: संतुलित आहार और नियमित व्यायाम समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है और संक्रमणों से लड़ने की शरीर की क्षमता को बढ़ाता है।

समय पर निदान और सही उपचार से यूटीआई को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है। यदि आपको यूटीआई के कोई भी लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

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