
Breaking Today, Digital Desk : भारत में कफ सिरप से जुड़ी हालिया घटनाएँ वाकई चिंताजनक हैं। इनसे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या हमारी दवा नियामक प्रणाली उतनी मजबूत है जितनी होनी चाहिए। यह सिर्फ एक कंपनी की बात नहीं है, बल्कि पूरे उद्योग की विश्वसनीयता का सवाल है। वोकहार्ड्ट के चेयरमैन हाबिल खोराकीवाला ने न्यूज़18 से बात करते हुए सही कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपनी नियामक प्रक्रियाओं में सुधार करें।
यह समझना ज़रूरी है कि ऐसी घटनाएँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को भी नुकसान पहुँचाती हैं, खासकर जब हम दुनिया की फार्मेसी के रूप में जाने जाते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे यहाँ बनने वाली हर दवा सुरक्षित और प्रभावी हो। इसके लिए, दवा कंपनियों को भी अपनी ज़िम्मेदारी समझनी होगी और सरकार को भी नियमों को और सख्त बनाना होगा।




