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बुमराह के लिए सिराज का अटूट सम्मान, मैदान पर और मैदान के बाहर, एक गहरी दोस्ती…

Siraj has unwavering respect for Bumrah, a deep friendship on and off the field

Breaking Today, Digital Desk : भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपने सीनियर साथी जसप्रीत बुमराह के प्रति अपनी गहरी दोस्ती और सम्मान को एक बार फिर जाहिर किया है उन्होंने बताया है कि बुमराह की गैरमौजूदगी में उन्हें कैसा महसूस होता है और कैसे वह अपने प्रदर्शन से उन्हें गौरवान्वित करना चाहते हैं.

यह कोई छिपी बात नहीं है कि सिराज और बुमराह के बीच मैदान के अंदर और बाहर एक मजबूत रिश्ता है.[2] सिराज ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से बुमराह को अपना प्रेरणास्रोत बताया है और उनके अनुभव से सीखने की बात कही है. हाल ही में एक इंटरव्यू में सिराज ने एक भावुक किस्सा साझा किया, जो उनकी दोस्ती की गहराई को बयां करता है.

“अगर मैं पांच विकेट लूंगा, तो किसे गले लगाऊंगा?”

इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट के दौरान जब जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया, तो सिराज ने उनसे कहा, “जस्सी भाई, आप क्यों जा रहे हो? अगर मैं पांच विकेट लेकर आऊंगा तो किसे गले लगाऊंगा?” इस पर बुमराह ने जवाब दिया, “मैं यहीं हूं. तू बस पांच विकेट ले.” यह बातचीत दोनों खिलाड़ियों के बीच के मजबूत बंधन और विश्वास को दर्शाती है.

सिराज ने बताया कि बुमराह के साथ खेलने में उन्हें मजा आता है और उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है. उन्होंने कहा, “जब भी मुझे जिम्मेदारी मिलती है, मुझे उसे निभाने में बहुत मजा आता है. मैं टीम के बाकी गेंदबाजों से भी बात करता हूं कि क्या करना है और क्या नहीं.

बुमराह की गैरमौजूदगी में और निखरते हैं सिराज

दिलचस्प बात यह है कि आंकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं कि बुमराह की गैरमौजूदगी में मोहम्मद सिराज और भी खतरनाक गेंदबाज बन जाते हैं. जब बुमराह टीम का हिस्सा नहीं होते हैं, तो सिराज का गेंदबाजी औसत बेहतर हो जाता है. यह शायद इसलिए है क्योंकि तब उन पर अधिक जिम्मेदारी आ जाती है और वह टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए और भी प्रेरित होते हैं.

इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में सिराज ने सबसे ज्यादा विकेट लेकर यह साबित भी कर दिया. उन्होंने पूरी सीरीज में शानदार गेंदबाजी की और टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई.

सिराज और बुमराह की यह दोस्ती भारतीय क्रिकेट के लिए एक अच्छा संकेत है. इन दोनों तेज गेंदबाजों की जोड़ी न केवल मैदान पर सफल है, बल्कि मैदान के बाहर भी एक दूसरे का हौसला बढ़ाती है. यह जोड़ी आने वाले समय में भारतीय टीम को कई और मैच जिताने का दम रखती है.

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