
Breaking Today, Digital Desk : क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले जिस रोमांचक मुकाबले का फैंस को बेसब्री से इंतजार था, वह हकीकत में नहीं हो सका। इंग्लैंड में हो रही वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) के सेमीफाइनल में भारतीय चैम्पियन टीम ने पाकिस्तान चैम्पियन के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने निराशा जताते हुए इसे ‘शर्मनाक’ बताया है।
युवराज सिंह की कप्तानी वाली भारतीय चैम्पियन टीम ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले का बहिष्कार किया, जिसके चलते शाहिद अफरीदी की अगुवाई वाली पाकिस्तान चैम्पियन टीम को सीधे फाइनल में जगह मिल गई। भारतीय टीम ने इससे पहले ग्रुप स्टेज में भी पाकिस्तान के खिलाफ मैच नहीं खेला था।
शाहिद अफरीदी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खेल को राजनीति से दूर रखना चाहिए। उन्होंने एक बयान में कहा, “पता नहीं भारत अब किस मुंह से खेलेगा।”हालांकि, भारतीय टीम के इस फैसले के पीछे की वजह दोनों देशों के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव को बताया जा रहा है, खासकर अप्रैल 2025 में हुए पहलागाम आतंकी हमले के बाद। कई भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलने की अपनी इच्छा जाहिर की थी।
इस पूरे विवाद में एक और पहलू सामने आया जब टूर्नामेंट के एक प्रमुख प्रायोजक, ‘ईजीमायट्रिप’ ने भी भारत-पाकिस्तान मैच से अपना समर्थन वापस ले लिया। कंपनी के सह-संस्थापक ने सोशल मीडिया पर कहा कि “आतंक और क्रिकेट साथ-साथ नहीं चल सकते” और वे ऐसे किसी भी आयोजन का समर्थन नहीं कर सकते जो आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के साथ संबंधों को सामान्य बनाने का प्रयास करता हो।
यह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों में लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को दर्शाती है। जहां एक तरफ अफरीदी जैसे खिलाड़ी खेल को राजनीति से अलग रखने की वकालत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय टीम और प्रायोजकों का रुख स्पष्ट करता है कि मौजूदा हालात में खेल संबंध संभव नहीं हैं।






