शनि साढ़ेसाती से मुक्ति का महाउपाय, जानें 2025 की शनिश्चरी अमावस्या पर क्या करें…
The best way to get rid of Shani Sadesati, know what to do on Shanishari Amavasya in 2025

Breaking Today, Digital Desk : वैदिक ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना गया है। जब शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या किसी राशि पर चलती है, तो व्यक्ति को कई तरह की आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, शास्त्रों में इन अशुभ प्रभावों से बचने के लिए कुछ विशेष तिथियों का उल्लेख है, जिनमें शनिश्चरी अमावस्या का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
साल 2025 में यह विशेष संयोग 23 अगस्त, शनिवार को बन रहा है। शनिवार के दिन अमावस्या तिथि पड़ने के कारण इसे शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है। यह दिन शनिदेव की कृपा पाने और साढ़ेसाती, ढैय्या या किसी अन्य शनि दोष के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए बेहद खास है।
शनि प्रकोप को शांत करने के सरल उपाय:
शनिदेव की साढ़ेसाती और ढैय्या के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। शनिश्चरी अमावस्या के दिन इन उपायों को करने से विशेष लाभ मिल सकता है:
मंत्र जाप: इस दिन शनिदेव के मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का 108 बार जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इससे साढ़ेसाती के नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं और मानसिक शांति मिलती है।
हनुमान जी की उपासना: मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने वालों को शनिदेव परेशान नहीं करते। इस दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से शनि का प्रकोप शांत होता है।
पीपल के वृक्ष की पूजा: शनिश्चरी अमावस्या के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए और पेड़ की 7 या 11 बार परिक्रमा करनी चाहिए।
वस्तुओं का दान: इस दिन शनि से संबंधित वस्तुओं का दान करना बहुत शुभ माना गया है। जरूरतमंदों को काले तिल, काले वस्त्र, उड़द की दाल, सरसों का तेल, लोहे की वस्तुएं या जूते-चप्पल दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
शनिदेव का अभिषेक: शनि मंदिर जाकर शनिदेव का सरसों के तेल से अभिषेक करें और उन्हें नीले रंग के फूल अर्पित करें।
पितरों का तर्पण: शनि अमावस्या का दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए भी उत्तम माना जाता है। इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है।
इन उपायों के साथ-साथ इस दिन मांस-मदिरा का सेवन करने, झूठ बोलने और किसी को कष्ट पहुँचाने से बचना चाहिए। गरीबों और असहाय लोगों की मदद करने से भी शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।






