
Breaking Today, Digital Desk : आजकल कहाँ-कहाँ से खबरें आ जाती हैं, पता ही नहीं चलता। अभी कुछ दिनों पहले दिल्ली की अदालत में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे, “भई, ये तो हद हो गई!” मामला था दो ज्योतिषियों के बीच का – एक तरफ थीं डॉ. सोनिया मलिक और दूसरी तरफ थे आचार्य पवन कौशिश। और इनके झगड़े की वजह कोई छोटी-मोटी नहीं, बल्कि जादू-टोना और मानहानि तक जा पहुँची।
सोचिए जरा, दो जाने-माने ज्योतिषी, जो लोगों को उनके भविष्य के बारे में बताते हैं, खुद अपने भविष्य के झगड़े के लिए कोर्ट पहुँच गए! हुआ यूँ कि डॉ. सोनिया मलिक ने आचार्य पवन कौशिश पर आरोप लगाया कि वो उनके खिलाफ ‘काला जादू’ से जुड़ी अफवाहें फैला रहे हैं और यूट्यूब पर ऐसे वीडियो डाल रहे हैं जिनसे उनकी छवि खराब हो रही है। अब भला कोई ज्योतिषी ऐसा कैसे कर सकता है? ये तो वही बात हो गई कि डॉक्टर ही एक-दूसरे पर इलाज गलत करने का आरोप लगा रहे हों।
कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। आखिरकार, कोर्ट ने आचार्य पवन कौशिश को आदेश दिया कि वो यूट्यूब से उन सभी वीडियो को हटा दें जिनमें डॉ. सोनिया मलिक को ‘काला जादू’ या ‘तंत्र-मंत्र’ से जुड़ा दिखाया गया है। कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी और के खिलाफ ऐसी बातें फैलाने का हक नहीं है, खासकर तब जब उनका कोई सबूत न हो।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। कोर्ट ने डॉ. सोनिया मलिक को भी एक अहम बात कही। उन्हें चेतावनी दी गई कि वो भी आचार्य पवन कौशिश को बेवजह बदनाम न करें और उनकी मानहानि न करें। यानी, झगड़ा दोनों तरफ से था और कोर्ट ने दोनों को ही अपनी हद में रहने की सलाह दी।
ये मामला हमें दिखाता है कि चाहे कोई भी पेशा हो, आपसी सम्मान और सद्भाव कितना जरूरी है। खासकर जब बात ज्योतिष जैसे संवेदनशील क्षेत्र की हो, जहाँ लोगों की आस्था और विश्वास जुड़ा होता है। ऐसे में, गुरुओं का आपस में ही लड़ना और एक-दूसरे पर आरोप लगाना, कहीं न कहीं पूरे पेशे की गरिमा को ठेस पहुँचाता है।
दिल्ली की इस अदालत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी दूसरे की छवि खराब करने की इजाजत नहीं है, चाहे वो कितना भी बड़ा ज्योतिषी क्यों न हो। उम्मीद है कि इस फैसले से बाकी लोग भी सबक लेंगे और भविष्य में ऐसे बेतुके झगड़े कम देखने को मिलेंगे।



