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धोनी की छत्रछाया में दिल्ली का लाल, वंश बेदी ने खोले माही से सीखे सफलता के राज़…

Delhi's son under Dhoni's tutelage, Vansh Bedi reveals the secrets of success he learned from Mahi

Breaking Today, Digital Desk : क्रिकेट की दुनिया में हर युवा खिलाड़ी का सपना होता है कि उसे महेंद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गज का मार्गदर्शन मिले. दिल्ली के प्रतिभाशाली क्रिकेटर वंश बेदी उन खुशकिस्मत खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्हें यह सुनहरा अवसर मिला. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का हिस्सा बनकर वंश ने न केवल धोनी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया, बल्कि खेल और जीवन के कुछ बहुमूल्य सबक भी सीखे.

एक हालिया बातचीत में, वंश बेदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने ‘कैप्टन कूल’ से सबसे बड़ी सीख दबाव में शांत रहने की कला सीखी है. उन्होंने कोलकाता में चोटिल होने के बाद धोनी के साथ हुई एक गहरी बातचीत का जिक्र किया. धोनी ने उन्हें सलाह दी, “आप हर चीज को नियंत्रित नहीं कर सकते और उन चीजों के पीछे मत भागो जिन्हें आप नियंत्रित नहीं कर सकते. बस अपना सर्वश्रेष्ठ करो और बाकी सब कुछ ब्रह्मांड पर छोड़ दो.” धोनी के इन शब्दों ने वंश पर गहरा प्रभाव डाला, जो मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह उनके काम आ रहा है.

वंश बेदी, जिन्हें दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में ‘पुरानी दिल्ली 6’ टीम की कप्तानी सौंपी गई है, धोनी से मिले ज्ञान को अपनी कप्तानी में भी लागू करना चाहते हैं. उन्होंने बताया कि सीएसके का माहौल काफी सकारात्मक है और धोनी जैसे महान खिलाड़ी के साथ रहकर बहुत कुछ सीखने को मिलता है, जैसे कि वे खेल का विश्लेषण कैसे करते हैं और मैदान पर खुद को कैसे संभालते हैं.

वंश उस वायरल तस्वीर का भी हिस्सा थे जिसमें वह धोनी और विराट कोहली के साथ नजर आए थे, जिसे वह अपने लिए एक “लेजेंड्री मोमेंट” मानते हैं. दिल्ली के इस उभरते सितारे का लक्ष्य अब अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाना और भारतीय क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बनाना है. धोनी की पाठशाला से मिले सबक निश्चित रूप से इस सफर में उनके लिए एक मजबूत नींव का काम करेंगे.

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