बनारस में बाढ़, जब गंगा ने दिखाया अपना रौद्र रूप…
Banaras drowned when Ganga changed its course, Varuna's dance of destruction

Breaking Today, Digital Desk : बनारस, जिसे मोक्षदायिनी गंगा के किनारे बसा पवित्र शहर कहा जाता है, इस बार उसी गंगा के रौद्र रूप का शिकार हो गया। पिछले कुछ दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था, लेकिन इस बार उसने वो रूप दिखाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। हालात ऐसे हो गए कि शहर के कई इलाकों में पहली मंजिल तक घर पानी में डूब गए।
असल में, इस बाढ़ की मुख्य वजह गंगा का पलट प्रवाह (Backflow) है। इसका मतलब ये हुआ कि गंगा का पानी इतनी तेज़ी से और इतनी ज़्यादा मात्रा में ऊपर की ओर आ रहा था कि उसने वरुणा नदी को भी अपने साथ ले लिया। वरुणा, जो हमेशा गंगा में मिलती है, इस बार गंगा के दबाव में उल्टी बहने लगी और उसका पानी भी शहर में घुस गया। इसी वजह से वरुणा किनारे बसे इलाकों में तो स्थिति और भी भयावह हो गई।
लोगों के घरों में पानी भर गया, सड़कें दरिया बन गईं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। कई परिवारों को तो अपनी जान बचाने के लिए छतों पर शरण लेनी पड़ी। खाने-पीने की चीज़ों और रोज़मर्रा की ज़रूरतों का भी संकट पैदा हो गया।
इस बाढ़ ने बनारस के लोगों को एक भयानक अनुभव दिया है। गंगा, जिसे वे माँ कहकर पूजते हैं, जब अपना विकराल रूप लेती है, तो वह कितनी विनाशकारी हो सकती है, यह इस बार सबने देखा। प्रशासन अपनी तरफ से बचाव कार्य में लगा हुआ है, लेकिन पानी का स्तर इतना ज़्यादा है कि राहत और बचाव कार्य में भी दिक्कतें आ रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही पानी उतरेगा और बनारस फिर से अपने सामान्य जीवन की ओर लौट पाएगा।






