
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है। ये मामला 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकने की धमकी देने और ऐसा करने वाले को इनाम देने के ऐलान से जुड़ा है।
दरअसल, पन्नू ने एक वीडियो जारी कर लोगों को उकसाने की कोशिश की थी कि वे 15 अगस्त को लाल किले पर पीएम मोदी को झंडा फहराने से रोकें। उसने इस ‘काम’ के लिए लाखों डॉलर का इनाम देने की भी बात कही थी। इस हरकत को देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ एक गंभीर साज़िश माना जा रहा है।
NIA ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है। उनका मानना है कि पन्नू विदेशों में बैठकर भारत के खिलाफ लगातार ऐसी गतिविधियाँ चला रहा है, जिसका मकसद देश में अशांति फैलाना और लोगों को भड़काना है। NIA अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसके पीछे की पूरी साज़िश का पर्दाफाश किया जा सके।
आपको बता दें कि गुरपतवंत सिंह पन्नू ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) नाम के एक प्रतिबंधित संगठन का प्रमुख है। यह संगठन लंबे समय से खालिस्तान के नाम पर अलगाववादी एजेंडा चला रहा है। भारत सरकार ने SFJ को आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है और पन्नू को भी आतंकवादी घोषित किया गया है।
NIA पहले भी पन्नू और उसके संगठन के खिलाफ कई मामले दर्ज कर चुकी है। इस बार का मामला सीधे तौर पर राष्ट्रीय गौरव और सुरक्षा से जुड़ा है, क्योंकि यह देश के स्वतंत्रता दिवस और प्रधानमंत्री की सुरक्षा को निशाना बनाने की कोशिश थी।
जांच एजेंसियां अब पन्नू के नेटवर्क, उसके साथियों और उसे मिल रही फंडिंग के स्रोतों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि NIA इस खालिस्तानी साज़िश का कैसे मुकाबला करती है और देश विरोधी ताकतों को कैसे जवाब देती है।




