
Breaking Today, Digital Desk : पिछले कुछ दिनों से दार्जिलिंग और सिक्किम में भारी बारिश ने जो तबाही मचाई है, वो किसी से छिपी नहीं है। चारों तरफ पानी ही पानी, सड़कें बंद, लोगों के घर तबाह और कई जिंदगियां खतरे में। ऐसे मुश्किल वक्त में जब हर कोई राहत और बचाव के कामों में लगा है, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक डांस वीडियो सामने आया है, जिसने सियासी गलियारों से लेकर आम जनता के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दार्जिलिंग में किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ नाचते हुए देखा जा सकता है। एक तरफ जहाँ राज्य के कुछ हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं और लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का यह अंदाज़ कई लोगों को रास नहीं आ रहा है।
बीजेपी ने इस वीडियो को लेकर ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि यह ‘अमानवीय’ व्यवहार है। बीजेपी नेताओं का सवाल है कि जब जनता मुश्किल में है, तब मुख्यमंत्री का इस तरह से नाचना कहाँ तक जायज़ है? उनका आरोप है कि यह मुख्यमंत्री की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। वे इसे ‘नमक पर जले’ जैसा बता रहे हैं, जब लोगों को राहत की ज़रूरत है, तब मुख्यमंत्री मौज-मस्ती कर रही हैं।
हालाँकि, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की तरफ से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन, उनके समर्थक यह तर्क दे सकते हैं कि मुख्यमंत्री का यह कदम शायद स्थानीय संस्कृति और लोगों के साथ जुड़ने का एक तरीका रहा होगा, ताकि मुश्किल समय में भी लोगों का मनोबल बढ़ा सकें। या फिर यह वीडियो किसी ऐसे कार्यक्रम का हिस्सा हो सकता है जो बाढ़ से पहले तय किया गया हो और रद्द न हो सका हो।
बहरहाल, दार्जिलिंग में आई बाढ़ ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चलना चाहिए और प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुँचनी चाहिए। ऐसे में मुख्यमंत्री के इस वीडियो पर उठ रहे सवाल कहीं न कहीं जनता की भावनाओं को ही दर्शाते हैं। लोग उम्मीद करते हैं कि उनके नेता मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहें और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दें। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे मामले पर आगे और क्या प्रतिक्रियाएँ आती हैं।






