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गावस्कर का इंग्लैंड पर पलटवार, ‘अब वो ज़माना नहीं रहा’…

Gavaskar hits back at England, 'Those days are gone now'

Breaking Today, Digital Desk : महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि वह दौर अब लद गया जब भारतीय टीम को कमजोर समझा जाता था। गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाड़ियों के “अहंकारी” और “शिकायती” व्यवहार पर निशाना साधा, खासकर उस वाकये पर जब रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने मैच ड्रॉ कराने के इंग्लैंड के प्रस्ताव को ठुकराकर अपने शतक पूरे करने का फैसला किया।

यह विवाद मैनचेster टेस्ट के आखिरी दिन उस समय शुरू हुआ जब इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने दिन का खेल समाप्त होने से एक घंटा पहले मैच को ड्रॉ पर समाप्त करने का प्रस्ताव रखा। उस समय क्रीज पर मौजूद जडेजा और सुंदर अपने शतकों के करीब थे और उन्होंने बल्लेबाजी जारी रखने का फैसला किया। इस फैसले से इंग्लैंड के खिलाड़ी नाराज हो गए और उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों की सराहना करने के बजाय व्यंग्यात्मक व्यवहार दिखाया।

गावस्कर ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर एक चर्चा के दौरान कहा, “मुझे इस भारतीय टीम पर गर्व है। दबाव में खेलते हुए उन्होंने जिस तरह से मुकाबले को ड्रॉ कराया, वह शानदार है।”उन्होंने इंग्लैंड की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर स्टोक्स को इतनी जल्दी थी, तो उन्होंने 311 रनों की बढ़त क्यों ली? क्या 240-250 की बढ़त काफी नहीं थी? स्टोक्स के शतक के बाद ही पारी घोषित कर देते तो गेंदबाजों को और वक्त मिलता।”

पूर्व भारतीय कप्तान ने इंग्लैंड के दोहरे मापदंडों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने याद दिलाया कि पहले टेस्ट के बाद इंग्लैंड ने बड़ी-बड़ी बातें की थीं कि वे 600 रनों के लक्ष्य का भी पीछा कर सकते हैं, लेकिन जब भारत ने उन्हें बड़ा लक्ष्य दिया तो वे लड़खड़ा गए। गावस्कर ने कहा, “यह सिर्फ दिखावा और बड़बोली बातें थीं।”

गावस्कर ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जो रूट और बेन स्टोक्स को छोड़कर इंग्लैंड के अधिकांश खिलाड़ियों ने जडेजा और सुंदर के शतक पूरे होने पर तालियां नहीं बजाईं। उन्होंने कहा, “इंग्लैंड के ज्यादातर खिलाड़ियों का तालियां न बजाना अच्छा नहीं लगा। उन्हें दूसरे खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को स्वीकार करना सीखना चाहिए।

गावस्कर ने साफ शब्दों में कहा कि इंग्लैंड को यह समझना होगा कि भारतीय क्रिकेट अब बदल चुका है और वे अपनी शर्तों पर खेल को नहीं चला सकते। उन्होंने कहा, “सब कुछ वैसा नहीं हो सकता जैसा इंग्लैंड की टीम चाहती है।

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