इस गणेश चतुर्थी, अपने हाथों से बनाएं प्यार और मिट्टी के गणपति…
This Ganesh Chaturthi, make Ganesha of love and clay with your own hands

Breaking Today, Digital Desk : इस साल गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर पर्यावरण की सुरक्षा में अपना योगदान दें और अपने घर पर ही मिट्टी से मनमोहक गणपति की मूर्ति तैयार करें। यह प्रक्रिया न केवल आसान और रचनात्मक है, बल्कि इससे आप और आपका परिवार त्योहार के साथ और भी गहराई से जुड़ पाएंगे। प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों के बजाय, जो जल स्रोतों को प्रदूषित करती हैं, प्राकृतिक मिट्टी (शाडू माटी) का उपयोग करना एक बेहतर विकल्प है।
घर पर इको-फ्रेंडली गणेश बनाने की विधि बहुत सरल है। इसके लिए आपको बस शुद्ध मिट्टी, पानी और कुछ प्राकृतिक रंगों जैसे हल्दी, कुमकुम और चंदन की आवश्यकता होगी।
मूर्ति बनाने की प्रक्रिया:
मिट्टी तैयार करें: मिट्टी को अच्छी तरह से छान लें और उसमें धीरे-धीरे पानी मिलाकर नरम गूंथ लें, ठीक आटे की तरह।
आकार दें: मिट्टी से अलग-अलग आकार के गोले बनाकर गणेश जी के शरीर के हिस्से जैसे पेट, सिर, हाथ, पैर और सूंड तैयार करें।
जोड़ें और स्वरूप दें: सभी हिस्सों को धीरे-धीरे पानी की मदद से एक-दूसरे से जोड़कर गणपति का पूरा स्वरूप तैयार करें। बारीक काम के लिए आप टूथपिक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सूखने दें: मूर्ति तैयार होने के बाद उसे सीधे धूप में रखने की बजाय छांव में 1-2 दिन तक स्वाभाविक रूप से सूखने दें।
रंग भरें: मूर्ति के सूख जाने पर, हल्दी (पीले रंग के लिए), कुमकुम (लाल रंग के लिए) और अन्य प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके इसे सजाएं।
इस तरह से आप न केवल एक सुंदर मूर्ति बना पाएंगे, बल्कि त्योहार को पूरी श्रद्धा और पर्यावरण के प्रति सम्मान के साथ मना सकेंगे। घर पर मूर्ति का विसर्जन भी आसानी से एक बाल्टी पानी में किया जा सकता है, और उस पवित्र जल का उपयोग आपके बगीचे के पौधों के लिए किया जा सकता है।






