
Breaking Today, Digital Desk : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी बिसात पर मोहरों की चाल तेज हो गई है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने एक बड़ा दांव चलते हुए घोषणा की है कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री होंगे और वह खुद उपमुख्यमंत्री का पद संभालेंगे। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
सहनी ने यह दावा हाल ही में फूलन देवी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में किया, जहां मंच पर उनके साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। अपने संबोधन में सहनी ने कहा कि “अगर आपका साथ होगा तो मैं डिप्टी सीएम और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि निषाद समाज अब सिर्फ मछली पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार बनाना भी जानता है।
वीआईपी प्रमुख ने आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए 60 सीटों पर चुनाव लड़ने की भी घोषणा की है। उनका कहना है कि बिहार की लगभग 150 विधानसभा सीटों पर उनकी पार्टी का प्रभाव है और वे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। सहनी के इस शक्ति प्रदर्शन को चुनाव से पहले महागठबंधन पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, सहनी के इस दावे पर महागठबंधन के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस ने इस तरह की बयानबाजी को समय से पहले और गठबंधन धर्म का उल्लंघन बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सहनी की यह मांग सीट बंटवारे की बातचीत के दौरान वीआईपी के लिए एक मजबूत स्थिति बनाने का प्रयास है।
कार्यक्रम में मौजूद तेजस्वी यादव ने मुकेश सहनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह और सहनी मिलकर एक नया बिहार बनाएंगे। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी को राज्य की सबसे बड़ी समस्याएं बताते हुए नीतीश सरकार पर निशाना साधा।
मुकेश सहनी के इस “दूसरे दूल्हे” वाले बयान ने बिहार की राजनीति में एक नई सरगर्मी पैदा कर दी है। जहां एक तरफ वीआईपी अपने लिए एक बड़ी भूमिका की मांग कर रही है, वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के अन्य दलों की प्रतिक्रियाएं भी अहम होंगी। अब देखना यह है कि चुनाव नजदीक आने पर महागठबंधन के भीतर सीटों का बंटवारा और पदों का समीकरण क्या रूप लेता है।






