मानवता की मिसाल बने एसएसबी डीआईजी डॉ डी के मिश्रा — गरीब परिवारों को बांटा राशन

गोरखपुर। “मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना…” मशहूर शायर अल्लामा इकबाल की यह पंक्ति आज के समाज को आईना दिखाती है। जब चारों ओर धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है, ऐसे समय में एसएसबी के डीआईजी डॉ डी के मिश्रा ने मानवता की एक जीवंत मिसाल पेश की है। डॉ मिश्रा शनिवार को अपनी धर्मपत्नी के साथ गोरखपुर के मियां बाजार स्थित इमामबाड़ा स्टेट पहुंचे, जहां समाज के दो जरूरतमंद परिवारों को एक महीने का राशन किट वितरित किया। डॉ मिश्रा ने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि बचपन से ही सीखा है कि आपसी भाईचारा बनाए रखना चाहिए, चाहे हालात जैसे भी हों। अच्छाइयों को फैलाइए, बुराइयां खुद ही खत्म हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि सेवा का अवसर उन्हें आत्मिक सुकून देता है, और वे जहां भी रहे हैं, लोगों की सेवा को ही अपना पहला कर्तव्य माना है, चाहे वह चिकित्सा सेवा के माध्यम से हो या दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करके। सज्जादानशीन सैय्यद अयान अली शाह ने कहा कि डीआईजी साहब के सेवा भाव ने साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है। पार्षद समद गुफरान ने कहा कि समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं जो सेवा करना चाहते हैं, लेकिन व्यस्तता और संसाधनों की कमी उन्हें रोक देती है। डॉ मिश्रा जैसे अधिकारी समाज के लिए आदर्श हैं। सैय्यद शहाब ने कहा कि इमामबाड़ा स्टेट हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल रहा है, जहां हर धर्म के लोग आकर बाबा रोशन अली शाह का आशीर्वाद लेते हैं, और डॉ मिश्रा ने यहां पहुंचकर इस परंपरा को और मजबूत किया है। आज के दौर में जब लोग नफरत के बीज बो रहे हैं, डॉ डी के मिश्रा जैसे लोग इंसानियत का पेड़ सींच रहे हैं। उनका यह कदम समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक है




