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सेहत को लेकर सजग युवा पीढ़ी की पहली पसंद बन रहे हैं फंक्शनल फूड्स…

India's taste is changing, Functional foods are becoming the first choice of the health-conscious young generation

Breaking Today, Digital Desk : भारत में खानपान को लेकर एक नई क्रांति दस्तक दे रही है, जिसका नेतृत्व युवा पीढ़ी यानी मिलेनियल्स कर रहे हैं। अब भोजन का मतलब सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि सेहत और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देना भी है। “डिटॉक्स, डाइट और डिलीवरी” – ये तीन शब्द आज के युवाओं की खानपान की आदतों को बयां कर रहे हैं, जिसके चलते भारत में फंक्शनल फूड्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।

मिलेनियल्स, जो अपनी सेहत को लेकर पहले से कहीं ज़्यादा जागरूक हैं, अब ऐसे खाद्य पदार्थों की ओर रुख कर रहे हैं जो न केवल पोषण दें बल्कि बीमारियों से बचाने और बेहतर महसूस कराने में भी मदद करें। व्यस्त जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण, यह पीढ़ी पारंपरिक भोजन से आगे बढ़कर ऐसे विकल्पों की तलाश में है जो उनकी ज़रूरतों को पूरा कर सकें।

क्या हैं फंक्शनल फूड्स?

फंक्शनल फूड्स वे खाद्य पदार्थ होते हैं जिन्हें अतिरिक्त पोषक तत्वों से युक्त किया जाता है या जिनमें प्राकृतिक रूप से ऐसे गुण होते हैं जो सामान्य पोषण से बढ़कर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। इनमें प्रोबायोटिक्स, फोर्टिफाइड अनाज, ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ और औषधीय गुणों वाले हर्बल पेय शामिल हैं। भारत में हल्दी, मोरिंगा और आंवला जैसे पारंपरिक सुपरफूड्स को भी नए और आकर्षक रूपों में पेश किया जा रहा है।

युवा पीढ़ी क्यों है इस ट्रेंड की अगुवा?

आज की युवा पीढ़ी कई कारणों से फंक्शनल फूड्स को अपना रही है:

स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता: जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे मोटापा और मधुमेह के बढ़ते मामलों ने युवाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सचेत कर दिया है। वे अब बचाव को इलाज से बेहतर मान रहे हैं।

डिजिटल पहुंच: इंटरनेट और सोशल मीडिया ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सभी के लिए सुलभ बना दिया है। युवा पीढ़ी ऑनलाइन व्यंजनों की खोज करने, नए खाद्य पदार्थों के बारे में जानने और सेहतमंद भोजन के विकल्पों को आज़माने में आगे है।

सुविधा की मांग: भागदौड़ भरी जिंदगी में, युवा ऐसे सुविधाजनक विकल्प चाहते हैं जो स्वस्थ भी हों। इसी वजह से डाइट प्लान और डिटॉक्स ड्रिंक्स की होम डिलीवरी करने वाली सेवाओं की मांग बढ़ी है। ये सेवाएं व्यक्तिगत स्वास्थ्य लक्ष्यों के अनुसार भोजन तैयार करती हैं और सीधे घर या ऑफिस तक पहुंचाती हैं।

नए स्वाद आज़माने की चाह: भारतीय युवा पीढ़ी खाने के साथ प्रयोग करने से नहीं हिचकिचाती। वे नए और अलग तरह के स्वाद आज़माने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, जिससे फंक्शनल फूड्स बनाने वाली कंपनियों को नए उत्पाद लॉन्च करने की प्रेरणा मिल रही है।

भारत में फंक्शनल फूड्स का बाजार 2023 में 13,024.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का था और 2030 तक इसके 25,379.1 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें 10% की वार्षिक वृद्धि दर का अनुमान है। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में सेहतमंद खानपान का यह चलन और भी मजबूत होगा, जिसमें युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे अहम रहेगी।

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