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अयोध्या-काशी की तरह भव्य बनेगा बाबा तामेश्वरनाथ का धाम: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को संत कबीर नगर में ₹1,515 करोड़ की 528 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने बाबा तामेश्वरनाथ धाम के कायाकल्प और इसे एक भव्य तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की बात कही, इसे उन्होंने क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बाबा तामेश्वरनाथ धाम को अयोध्या और काशी की तर्ज पर एक सुव्यवस्थित और भव्य तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि बाबा तामेश्वरनाथ धाम को एक सुंदर कॉरिडोर के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन का अवसर मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी को उजाड़ा नहीं जाएगा, बल्कि व्यवस्थित पुनर्वास के साथ स्थानीय व्यवसायियों और गोसाइयों के हितों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज का यह कार्यक्रम बाबा तामेश्वरनाथ की कृपा से संभव हो सका है। उन्होंने अयोध्या में भगवान रामलला के भव्य मंदिर, काशी में काशी विश्वनाथ धाम और मां विंध्यवासिनी धाम के कायाकल्प का उदाहरण देते हुए कहा कि इन तीर्थस्थलों ने डबल इंजन सरकार की ताकत को साबित किया है। काशी में आज 50,000 श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं, जबकि मां विंध्यवासिनी धाम में 10,000 श्रद्धालु एकसाथ जा सकते हैं। बाबा तामेश्वरनाथ धाम को भी ऐसा ही भव्य स्वरूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और स्थानीय समुदाय से इस दिशा में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने का आह्वान किया और आश्वासन दिया कि धाम के विकास की कार्ययोजना उनके पास आएगी तो उसे शीघ्र स्वीकृति दी जाएगी। योगी ने कहा कि यह सनातन धर्म की पहचान को मजबूत करने वाला कदम होगा। बाबा का आशीर्वाद संत कबीर नगर वासियों पर बरसता हुआ दिखाई देगा। योगी ने बताया कि आज लोकार्पित और शिलान्यास की गई ₹1,515 करोड़ की परियोजनाएं पर्यटन, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्पोर्ट्स, और नगर निकाय भवनों जैसे जीवन के विभिन्न आयामों को समृद्ध करने वाली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं संत कबीर नगर को नई पहचान दिलाएंगी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाएंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बखिरा के प्रसिद्ध पीतल उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि बखिरा के कांसे के बर्तनों को ओडीओपी योजना के तहत नई पहचान मिली है। कहा कि प्रदेश में ओडीओपी से 1.65 करोड़ नौजवानों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में महाकुंभ के भव्य आयोजन का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। यह नए भारत की ताकत और संगठन क्षमता का प्रतीक है।

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