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वकीलों के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक, आईएएस अधिकारी का 36 घंटे में तबादला…

IAS officer transferred within 36 hours for doing sit-ups holding his ears in front of lawyers

Breaking Today, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में वकीलों के सामने उठक-बैठक लगाने का वीडियो वायरल होने के 36 घंटे के भीतर ही आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही का तबादला कर दिया गया उन्हें अब लखनऊ में राजस्व परिषद से संबद्ध किया गया है यह पूरी घटना तहसील परिसर में फैली गंदगी को लेकर हुए विवाद के बाद हुई.

क्या था पूरा मामला?

2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने हाल ही में शाहजहांपुर की पुवायां तहसील में उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) का पदभार ग्रहण किया था. पद संभालने के अगले ही दिन, तहसील परिसर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने गंदगी, गंदे शौचालय और कुछ लोगों को खुले में पेशाब करते हुए पाया उन्होंने स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के प्रयास में कुछ लोगों को मौके पर ही उठक-बैठक करने की सजा दी

इस बात की खबर जब हड़ताल पर बैठे वकीलों को लगी, तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई. वकीलों का कहना था कि तहसील परिसर की दयनीय स्थिति के लिए प्रशासन भी समान रूप से जिम्मेदार है इस पर, आईएएस अधिकारी राही ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए वकीलों के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक लगा ली यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.

सरकार ने लिया तुरंत संज्ञान

वीडियो वायरल होने के बाद, राज्य सरकार ने इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया. शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रिंकू सिंह राही को पद से मुक्त कर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, राही का यह कृत्य अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है हालांकि, राही ने अपने इस कदम को जनता के प्रति जवाबदेही का संदेश देने का एक प्रयास बताया

यह घटना प्रशासनिक हलकों और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जिस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोग राही की विनम्रता और जिम्मेदारी की भावना की प्रशंसा कर रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे एक अधिकारी के लिए अनुचित व्यवहार मान रहे हैं.

विवादों से रहा है पुराना नाता

आईएएस रिंकू सिंह राही पहले भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं. पीसीएस अधिकारी के तौर पर उन्होंने कई विभागों में भ्रष्टाचार का खुलासा किया था, जिसके कारण 2009 में उन पर जानलेवा हमला भी हुआ था.

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