Sliderखेलकूद

पर्थ में कोहली-रोहित की खामोशी, क्या था अंदर का खेल…

Kohli-Rohit's silence in Perth, what was the inside game...

Breaking Today, Digital Desk : क्रिकेट, अनिश्चितताओं का खेल है, ये बात हम सब जानते हैं। कभी-कभी बड़े से बड़े खिलाड़ी भी ऐसे हालात में फंस जाते हैं जहाँ उन्हें समझ नहीं आता कि अगला कदम क्या होगा। पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में कुछ ऐसा ही हुआ था जब हमारी टीम के दो धुरंधर बल्लेबाज, रोहित शर्मा और विराट कोहली, उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। इस पर टीम के कोच ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है और कुछ ऐसी बातें कही हैं जो हर क्रिकेट फैन को सुननी चाहिए।

कोच ने बड़े ही सहज अंदाज में समझाया कि जब मैदान पर गेंद उछल रही हो और स्विंग भी हो रही हो, ऐसे में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा, “जब आपको पता ही न हो कि गेंद क्या करने वाली है – कब अचानक उछल जाएगी या कब स्विंग हो जाएगी – तो ऐसे में गलती होने की संभावना बढ़ जाती है।” उनका इशारा साफ था कि रोहित और कोहली जैसे बेहतरीन खिलाड़ी भी ऐसी परिस्थितियों में दबाव महसूस करते हैं, खासकर तब जब पिच अप्रत्याशित व्यवहार कर रही हो।

उन्होंने आगे जोड़ा कि पर्थ जैसी विकेट पर, जहाँ हर गेंद एक चुनौती होती है, खिलाड़ियों को धैर्य रखना पड़ता है और सही मौके का इंतजार करना होता है। लेकिन कभी-कभी हालात इतने मुश्किल हो जाते हैं कि कितनी भी कोशिश कर लो, चीजें आपके पक्ष में नहीं होतीं। कोच ने ये भी कहा कि ये सिर्फ रोहित या कोहली की बात नहीं है, बल्कि कोई भी बल्लेबाज ऐसी स्थिति में संघर्ष कर सकता है। ये सिर्फ खेल का एक हिस्सा है।

कोच के इस बयान से एक बात तो साफ है कि टीम मैनेजमेंट अपने खिलाड़ियों पर भरोसा करता है और उन्हें ऐसी छोटी-मोटी असफलताओं के लिए दोषी नहीं ठहराता। वे जानते हैं कि ये बड़े खिलाड़ी हैं और अगले मैच में वापसी करने का हुनर रखते हैं। आखिरकार, क्रिकेट में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन अहम बात है कि खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीखें और आगे बढ़ें।

Related Articles

Back to top button