
Breaking Today, Digital Desk : अभी हाल ही में, एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे देश में खलबली मचा दी है। तिहाड़ जेल में बंद आतंकी यासीन मलिक ने एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है। उसने कहा है कि एक समय ऐसा था जब भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उसे मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से मिलने के लिए “धन्यवाद” कहा था। जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना!
यासीन मलिक का कहना है कि यह बात तब की है जब उसने 2009 में पाकिस्तान का दौरा किया था। उस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते काफी तनावपूर्ण थे, खासकर 26/11 मुंबई हमलों के बाद। यासीन मलिक के मुताबिक, उसने मुंबई हमले के बाद हाफिज सईद से मुलाकात की थी, और भारत सरकार को यह जानकारी थी।
उसने अपने दावे में कहा है कि जब वह पाकिस्तान से लौटा, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उससे मुलाकात की और उस मुलाकात के लिए उसका शुक्रिया अदा किया। मलिक ने यह भी दावा किया कि मनमोहन सिंह ने उससे कहा था कि वह जम्मू-कश्मीर में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए काम करता रहे।
हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी भी आधिकारिक सूत्र से पुष्टि नहीं हुई है। यह तो जगजाहिर है कि यासीन मलिक को टेरर फंडिंग के मामले में दोषी ठहराया गया है और उसे उम्रकैद की सजा मिली है। लेकिन उसके इस बयान ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
विपक्षी दलों ने इन दावों को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है और कांग्रेस पार्टी से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे यासीन मलिक की “झूठ” बताया है और कहा है कि वह अपनी सजा से बचने के लिए ऐसे बेबुनियाद दावे कर रहा है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में आगे और क्या खुलासे होते हैं। क्या यासीन मलिक के दावों में कोई सच्चाई है, या यह सिर्फ एक दोषी आतंकी की सोची-समझी चाल है?




