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खून का कैंसर, वो बातें जो आपको हर हाल में जाननी चाहिए, कहीं देर न हो जाए…

Blood cancer, the things you should know at all costs, lest it be too late...

Breaking Today, Digital Desk : जब बात ब्लड कैंसर की आती है, तो हमारे समाज में न जाने कितनी तरह की बातें फैली हुई हैं। कुछ सच हैं, तो कुछ सिर्फ सुनी-सुनाई बातें। अक्सर ये गलतफहमियां हमें डर और चिंता में डाल देती हैं, जबकि सही जानकारी हमें इस बीमारी से लड़ने में मदद कर सकती है। आइए आज हम ब्लड कैंसर से जुड़े कुछ आम मिथकों और उनके पीछे के सच को जानते हैं, ताकि हर परिवार इस गंभीर बीमारी को बेहतर तरीके से समझ सके।

मिथक 1: ब्लड कैंसर हमेशा घातक होता है और इसका कोई इलाज नहीं है।

सच: यह सबसे बड़ा और खतरनाक मिथक है। आज के समय में मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की कर ली है। ब्लड कैंसर के कई प्रकार होते हैं और उनमें से कई का सफल इलाज संभव है, खासकर अगर बीमारी का पता शुरुआती स्टेज में चल जाए। कीमोथेरेपी, रेडिएशन, स्टेम सेल ट्रांसप्लांट (बोन मैरो ट्रांसप्लांट) और नई टारगेटेड थेरेपीज ने कई लोगों को नई जिंदगी दी है। इसलिए उम्मीद बिल्कुल नहीं छोड़नी चाहिए।

मिथक 2: ब्लड कैंसर सिर्फ बुजुर्गों को होता है।

सच: यह भी एक बड़ी गलतफहमी है। ब्लड कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है – बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक। ल्यूकेमिया (एक प्रकार का ब्लड कैंसर) बच्चों में सबसे आम कैंसर में से एक है। लिंफोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसे अन्य प्रकार भी किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए, उम्र देखकर लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें।

मिथक 3: ब्लड कैंसर संक्रामक होता है, यानी छूने से फैलता है।

सच: बिल्कुल नहीं! कैंसर कोई संक्रामक बीमारी नहीं है। यह वायरस या बैक्टीरिया की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। कैंसर शरीर की कोशिकाओं में होने वाले बदलावों के कारण होता है। आप ब्लड कैंसर के मरीज के साथ खा सकते हैं, रह सकते हैं या उनके साथ समय बिता सकते हैं, आपको कैंसर नहीं होगा।

मिथक 4: अगर परिवार में किसी को ब्लड कैंसर हुआ है, तो आपको भी होगा।

सच: हां, कुछ प्रकार के कैंसर में आनुवंशिक (जेनेटिक) प्रवृत्ति हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह निश्चित रूप से आपको होगा। ज्यादातर ब्लड कैंसर जेनेटिक नहीं होते। हालांकि, यदि आपके परिवार में ब्लड कैंसर का इतिहास रहा है, तो आपको थोड़ा अधिक सतर्क रहना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

मिथक 5: ब्लड कैंसर के कोई शुरुआती लक्षण नहीं होते।

सच: ब्लड कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों जैसे थकान, बुखार या कमज़ोरी जैसे दिख सकते हैं, जिन्हें लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन कुछ ऐसे लक्षण हैं जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है:

  • बिना किसी कारण के लगातार थकान या कमज़ोरी

  • बार-बार बुखार या संक्रमण

  • अचानक वजन कम होना

  • रात में पसीना आना

  • त्वचा पर नीले धब्बे (bruises) या छोटे लाल धब्बे (petechiae)

  • मसूड़ों से खून आना या नाक से खून आना

  • गर्दन, बगल या कमर में ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) का बढ़ना

  • हड्डियों या जोड़ों में दर्द

  • पेट में भारीपन या दर्द (लिवर या स्प्लीन के बढ़ने के कारण)

इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मिथक 6: कीमोथेरेपी कैंसर से ज्यादा खतरनाक है।

सच: कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स होते हैं, यह सच है। इसमें बाल झड़ना, उल्टी, मतली, थकान जैसे लक्षण शामिल हैं। लेकिन यह कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए डिज़ाइन की गई एक शक्तिशाली उपचार पद्धति है। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त उपचार चुनते हैं। कीमोथेरेपी और अन्य उपचारों के साइड इफेक्ट्स को मैनेज करने के लिए अब बहुत सारे सपोर्टिव उपाय उपलब्ध हैं, जो मरीजों की परेशानी कम करते हैं।

ब्लड कैंसर से बचाव और जागरूकता:

हालांकि, ब्लड कैंसर के ज्यादातर मामलों को रोका नहीं जा सकता, फिर भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, रेडिएशन और कुछ केमिकल्स के संपर्क में आने से बचना और नियमित जांच कराना महत्वपूर्ण है। सबसे ज़रूरी बात है कि लक्षणों को पहचानें और सही समय पर डॉक्टर से मिलें। जितनी जल्दी निदान होगा, इलाज उतना ही प्रभावी होगा।

ब्लड कैंसर के बारे में सही जानकारी हमें न केवल खुद को बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इस बीमारी से लड़ने में मदद करती है। याद रखें, जानकारी ही शक्ति है और उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए।

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