
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में, अरब देशों ने एक सुर में यह स्पष्ट कर दिया है कि फिलिस्तीनी राष्ट्र के बिना मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित नहीं हो सकती। उन्होंने इजरायल से मांग की है कि वह अपनी शत्रुतापूर्ण कार्रवाईयों को तुरंत बंद करे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
अरब लीग ने अपनी बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया और एक मजबूत प्रस्ताव पारित किया। उनका कहना है कि फिलिस्तीनी लोगों को उनका अपना संप्रभु राज्य मिलना चाहिए, जिसकी राजधानी पूर्वी येरुशलम हो। इसके बिना कोई भी शांति समझौता अधूरा रहेगा और क्षेत्र में अशांति बनी रहेगी।
इजरायल के प्रति अरब देशों का रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त दिख रहा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करे और इजरायल पर दबाव डाले ताकि वह अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन करे और फिलिस्तीनी क्षेत्रों में अपनी विस्तारवादी नीतियों को रोके।
यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान का इजरायल पर क्या असर होता है। हालांकि, इतना तो तय है कि फिलिस्तीनी मुद्दा अभी भी मध्य पूर्व की राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ है और इसके समाधान के बिना क्षेत्र में स्थिरता लाना एक बड़ी चुनौती होगी।




