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आपकी हड्डियां क्यों टूट रही हैं, 30 के बाद हर महिला को जानना चाहिए ये सच…

Why are your bones breaking, every woman should know this truth after 30...

Breaking Today, Digital Desk : क्या आप जानती हैं कि 30 की उम्र के बाद महिलाओं में हड्डियां कमजोर होने और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है? यह एक ऐसी खामोश बीमारी है, जो धीरे-धीरे आपकी हड्डियों को अंदर से खोखला कर देती है और आपको पता भी नहीं चलता। आखिर क्यों होता है ऐसा और आप इससे बचने के लिए क्या कर सकती हैं, आइए जानते हैं।

हड्डियां कमजोर होने के कारण:

कैल्शियम की कमी: महिलाओं को बचपन से ही कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पाती। दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन कम होने से हड्डियों का विकास ठीक से नहीं हो पाता।

विटामिन डी की कमी: धूप में कम रहने और विटामिन डी से भरपूर आहार न लेने से शरीर कैल्शियम को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे हड्डियां कमजोर होती हैं।

हार्मोनल बदलाव: 30 की उम्र के बाद और खासकर मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। एस्ट्रोजन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, इसकी कमी से हड्डियों का घनत्व तेजी से कम होने लगता है।

गर्भावस्था और स्तनपान: गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान बच्चे को पोषण देने के लिए मां के शरीर से कैल्शियम का बहुत अधिक उपयोग होता है, जिससे अगर मां पर्याप्त कैल्शियम न ले तो उसकी हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।

शारीरिक गतिविधि की कमी: आजकल की लाइफस्टाइल में महिलाएं अक्सर शारीरिक गतिविधियों से दूर रहती हैं। व्यायाम न करने से हड्डियां कमजोर होती हैं, क्योंकि व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

गलत खान-पान: जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और सॉफ्ट ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन हड्डियों के लिए हानिकारक होता है। इनमें मौजूद फॉस्फेट और शुगर कैल्शियम के अवशोषण को बाधित करते हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के उपाय:

कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर आहार: दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, सार्डिन मछली और अंडे जैसे खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें।

धूप का सेवन: रोजाना 15-20 मिनट धूप में रहें, खासकर सुबह के समय, ताकि शरीर को पर्याप्त विटामिन डी मिल सके।

नियमित व्यायाम: पैदल चलना, जॉगिंग, डांसिंग, योगा और वेट लिफ्टिंग जैसे व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

धूम्रपान और शराब से दूरी: धूम्रपान और शराब का सेवन हड्डियों को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इनसे बचें।

नियमित स्वास्थ्य जांच: 30 की उम्र के बाद नियमित रूप से हड्डियों के घनत्व की जांच करवाएं, खासकर अगर आपके परिवार में ऑस्टियोपोरोसिस का इतिहास रहा हो।

जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट्स: डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम और विटामिन डी के सप्लीमेंट्स ले सकती हैं।

महिलाओं के लिए अपनी हड्डियों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और कुछ सावधानियां बरतकर आप हड्डियों के कमजोर होने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी खामोश बीमारियों से बच सकती हैं।

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