
Breaking Today, Digital Desk : नीरव मोदी, जो पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी हैं और भारत से फरार चल रहे हैं, उन्होंने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ ब्रिटेन की एक अदालत में अपील दायर की है। भारत सरकार लगातार नीरव मोदी को वापस लाने की कोशिश कर रही है ताकि उन्हें धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करना पड़े।
क्या है पूरा मामला?
नीरव मोदी पर 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के PNB घोटाले का आरोप है। यह घोटाला 2018 में सामने आया था, जिसमें नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी पर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) के जरिए बैंकों को धोखा देने का आरोप लगा था। घोटाला सामने आने से पहले ही नीरव मोदी देश छोड़कर भाग गए थे।
तब से, भारत सरकार ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन सरकार से कई बार अनुरोध किया है। भारतीय एजेंसियों ने नीरव मोदी को लंदन में ढूंढ निकाला और मार्च 2019 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से वह ब्रिटेन की जेल में बंद हैं।
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया और कानूनी लड़ाई
ब्रिटेन में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया काफी लंबी चली है। वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पहले नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था, जिसमें यह माना गया था कि उनके खिलाफ भारत में पर्याप्त सबूत हैं। इस फैसले को नीरव मोदी ने ब्रिटेन की हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां भी उनकी अपील खारिज कर दी गई थी।
अब, नीरव मोदी ने यूके सुप्रीम कोर्ट में जाने की अनुमति के लिए आवेदन किया है। यह उनकी प्रत्यर्पण को रोकने की आखिरी कानूनी कोशिश है। उनके वकीलों का तर्क है कि भारत में उन्हें निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी और उनकी मानसिक स्थिति प्रत्यर्पण के लिए ठीक नहीं है। हालांकि, भारत सरकार ने इन सभी तर्कों को खारिज किया है और कहा है कि नीरव मोदी को भारत में पूरी तरह से निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
आगे क्या होगा?
अब यह ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर करेगा कि वह नीरव मोदी को अपील करने की अनुमति देता है या नहीं। यदि सुप्रीम कोर्ट उनकी अपील को खारिज कर देता है, तो ब्रिटेन सरकार के लिए नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने का रास्ता साफ हो जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह हाई-प्रोफाइल मामला कहां जाकर रुकता है और क्या नीरव मोदी को अंततः भारत लाया जा सकेगा।




