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बारिश में ज़ोमैटो-स्विगी ने आपकी जेब काटी, अब नहीं एक नई तरकीब से बचाएं पैसे…

Zomato-Swiggy cut your pocket during the rains, not anymore, save money with a new trick.

Breaking Today, Digital Desk : क्या आपने भी बारिश में खाना मंगाया और बिल में “रेन फीस” देखकर चौंक गए? ज़ोमैटो और स्विगी के लाखों ग्राहकों के साथ ऐसा ही हुआ, जिसके बाद सोशल मीडिया पर शिकायतों का अंबार लग गया। लेकिन अब इस समस्या का एक ख़ास समाधान सामने आया है, जो आपकी जेब पर पड़ने वाले इस अतिरिक्त बोझ को कम कर सकता है।

बारिश का मौसम किसे पसंद नहीं होता? गरम पकौड़े और चाय की चुस्की… लेकिन, जब बात आती है ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने की, तो यही बारिश आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। हाल ही में, कई यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर ज़ोमैटो और स्विगी के बिलों के स्क्रीनशॉट शेयर किए, जिनमें “रेन फीस” के नाम पर एक्स्ट्रा चार्ज लगा हुआ था। यह देखकर यूज़र्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

ज़ोमैटो और स्विगी जैसी फ़ूड डिलीवरी ऐप्स हमेशा से अपने ग्राहकों को सहूलियत देने के लिए जानी जाती रही हैं। लेकिन, जब बात आती है ‘हिडन चार्जेज़’ की, तो ग्राहक अक्सर खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। बारिश के दिनों में डिलीवरी पार्टनर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, और उनके लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन के तौर पर यह ‘रेन फीस’ लगाई जाती है। यह बात सही है कि डिलीवरी करने वाले अपनी जान जोखिम में डालकर हमारा खाना हम तक पहुंचाते हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह चार्ज ग्राहक की जेब से जाना चाहिए या कंपनियों को इसे अपनी लागत में शामिल करना चाहिए?

GST का नया नियम और रेन फीस का कनेक्शन:

इस पूरी बहस में एक और अहम पहलू है – नया GST नियम। हाल ही में, सरकार ने ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी पर 5% GST लागू किया है। इसके बाद से, डिलीवरी चार्ज और अन्य छोटे-मोटे शुल्कों पर भी GST लगने लगा है, जिससे कुल बिल और भी बढ़ जाता है। यूज़र्स का कहना था कि पहले से ही डिलीवरी चार्ज ऊपर से GST, और अब “रेन फीस” – यह सब मिलकर बिल को बेतहाशा बढ़ा देता है।

आखिर क्या है इस समस्या का समाधान?

इस पूरे हंगामे के बाद, एक ऐसा तरीका सामने आया है जिससे आप बारिश में भी बिना ‘रेन फीस’ के खाना ऑर्डर कर सकते हैं। यह कोई हैक नहीं है, बल्कि एक स्मार्ट तरीका है। दरअसल, कई रेस्टोरेंट्स अब अपनी खुद की डिलीवरी सेवा भी चला रहे हैं। अगर आप सीधे रेस्टोरेंट से ऑर्डर करते हैं, तो आपको ज़ोमैटो या स्विगी की ‘रेन फीस’ से छुटकारा मिल सकता है।

ऐसे में, अगली बार जब बारिश हो और आपको ऑनलाइन खाना मंगाना हो, तो एक बार अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट की वेबसाइट या सीधे उनके नंबर पर कॉल करके चेक करें कि क्या वे अपनी खुद की डिलीवरी सेवा देते हैं। इससे न सिर्फ आपकी जेब बचेगी, बल्कि आप सीधे रेस्टोरेंट को भी सपोर्ट कर पाएंगे।

यह देखना दिलचस्प होगा कि ज़ोमैटो और स्विगी इस ‘रेन फीस’ और GST के बढ़ते बोझ पर क्या कदम उठाते हैं। तब तक के लिए, यह स्मार्ट टिप आपके काम आ सकती है!

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