
Breaking Today, Digital Desk : कांग्रेस पार्टी जल्द ही बिहार में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए एक बड़ा कदम उठा सकती है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को बिहार में पार्टी के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करने की तैयारी चल रही है। अगर ऐसा होता है तो यह बिहार कांग्रेस के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है।
क्या है कांग्रेस की रणनीति?
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस आलाकमान बिहार में एक मजबूत और लोकप्रिय चेहरे की तलाश में है जो मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित कर सके। प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी की तरह ही करिश्माई व्यक्तित्व वाली नेता मानी जाती हैं। उनकी रैलियों में भीड़ उमड़ती है और वे युवाओं और महिलाओं में काफी लोकप्रिय हैं।
कांग्रेस को लगता है कि बिहार जैसे राज्य में जहां जातिगत समीकरण बहुत मायने रखते हैं, वहां प्रियंका गांधी का राष्ट्रीय अपील पार्टी को फायदा पहुंचा सकता है। इसके अलावा, वे महिला मतदाताओं को भी बड़ी संख्या में आकर्षित कर सकती हैं, जो किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
प्रियंका गांधी का बिहार कनेक्शन
प्रियंका गांधी का बिहार से एक भावनात्मक जुड़ाव भी है। उनके पति रॉबर्ट वाड्रा का परिवार मूल रूप से बिहार के मोतिहारी से संबंध रखता है। इस कनेक्शन को भी कांग्रेस भुनाने की कोशिश कर सकती है।
आगे क्या?
फिलहाल यह सिर्फ अटकलें हैं, लेकिन अगर कांग्रेस इस दिशा में आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रियंका गांधी की एंट्री से जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश भर जाएगा, वहीं विपक्षी दलों के लिए भी नई चुनौती खड़ी हो जाएगी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस की यह रणनीति कितनी सफल होती है और क्या प्रियंका गांधी बिहार में पार्टी को फिर से खड़ा कर पाती हैं।






