
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में दिल्ली में एक ऐसा वाकया हुआ जिसने सबको चौंका दिया। तालिबान के मंत्रियों ने यहाँ दौरा किया और उनके साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हुई। लेकिन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बात ये थी कि इसमें सिर्फ पुरुष ही शामिल थे। महिला पत्रकारों को दूर रखा गया। ये देखकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता महुआ मोइत्रा को गुस्सा आ गया और उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
महुआ मोइत्रा ने सवाल उठाया है कि आखिर केंद्र सरकार इस ‘पुरुष-केवल’ प्रेस मीट पर चुप क्यों है? उन्होंने कहा कि एक तरफ तो हम महिला सशक्तिकरण की बातें करते हैं, दुनिया को दिखाते हैं कि हम महिलाओं को कितना सम्मान देते हैं, और दूसरी तरफ दिल्ली में ही तालिबान के मंत्री ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं जहाँ महिलाओं को शामिल नहीं किया जाता। यह तो सरासर पाखंड है!
उन्होंने अपने ट्विटर (अब एक्स) पर लिखा, “तालिबान के मंत्री दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं और इसमें सिर्फ पुरुष ही हैं। महिला पत्रकारों को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा। क्या हमारे विदेश मंत्रालय को इसमें कुछ गलत नहीं दिख रहा? क्या हम इतने गिरे हुए हो गए हैं कि तालिबान के सामने हमारी कोई इज्जत ही नहीं?”
महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम दुनिया में क्या संदेश देंगे? क्या हम महिला अधिकारों की बात सिर्फ जुबानी करते हैं, और जब असल में स्टैंड लेने की बारी आती है तो चुप हो जाते हैं? यह घटना उन सभी लोगों के लिए चिंता का विषय है जो महिला समानता और अधिकारों की बात करते हैं। यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।






