Sliderराजनीति

सिद्धारमैया का ‘सनातनी’ बयान, कर्नाटक में क्यों मचा बवाल…

Siddaramaiah's 'Sanatani' statement, why did it create a ruckus in Karnataka...

Breaking Today, Digital Desk : कर्नाटक में RSS के मार्च को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है और इसी बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ‘सनातनियों’ को एक बड़ी चेतावनी दे डाली है। यह पूरा मामला क्या है और सिद्धारमैया ने ऐसा क्यों कहा, आइए जानते हैं।

विवाद की जड़: RSS का मार्च और सरकार का रुख
दरअसल, कर्नाटक में RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने कई जगहों पर मार्च निकालने की अनुमति मांगी थी। लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार ने कुछ जगहों पर इसकी अनुमति नहीं दी, जिसके बाद यह विवाद खड़ा हो गया। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है, और कुछ जगहों पर मार्च निकालने से माहौल बिगड़ सकता है। वहीं, RSS इसे अपने संवैधानिक अधिकारों का हनन बता रहा है।

सिद्धारमैया की ‘सनातनी’ चेतावनी का मतलब
इसी गहमा-गहमी के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बयान आया है, जिसमें उन्होंने ‘सनातनियों’ को चेतावनी दी है। उनके बयान का सीधा अर्थ यह निकाला जा रहा है कि वे उन लोगों को आगाह कर रहे हैं जो धर्म के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं या सरकार के फैसलों को चुनौती दे सकते हैं। सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार किसी भी ऐसे कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगी जिससे समाज में अशांति फैले। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिशें तेज होने की आशंका जताई जा रही है।

आगे क्या?
यह देखना दिलचस्प होगा कि सिद्धारमैया की इस चेतावनी का क्या असर होता है और RSS इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। फिलहाल, कर्नाटक की राजनीति में यह मुद्दा गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है। सरकार और RSS दोनों ही अपने-अपने रुख पर कायम दिख रहे हैं।

Related Articles

Back to top button