
Breaking Today, Digital Desk : पिछले दिनों चित्तापुर में हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मार्च ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मार्च को लेकर कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री, प्रियंक खड़गे ने RSS पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि क्या RSS के सदस्य खुद को ‘सुपर नागरिक’ समझते हैं, जो कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं?
खड़गे का कहना है कि RSS ने एक तरह से गुंडागर्दी की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी दूसरे संगठन ने मार्च निकालने की कोशिश की थी, तो पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर दी थी। लेकिन RSS को इस तरह की छूट क्यों दी जा रही है? क्या इसका मतलब यह है कि देश में कुछ लोग खुद को कानून से ऊपर समझते हैं?
यह मामला तब और गरमा गया जब कुछ संगठनों ने चित्तापुर में एक सार्वजनिक सभा करने की योजना बनाई। कथित तौर पर, उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली। लेकिन जब RSS ने बिना इजाजत के मार्च निकाला, तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रियंक खड़गे ने इसी बात को लेकर पुलिस प्रशासन और सरकार पर भी सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा, “कानून सभी के लिए एक समान होना चाहिए। अगर एक संगठन को मार्च की इजाजत नहीं मिलती, तो दूसरे संगठन को भी नहीं मिलनी चाहिए। यह कैसा दोहरा मापदंड है?” खड़गे ने इस घटना को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है और चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतें समाज में अराजकता फैला सकती हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर RSS और सरकार की क्या प्रतिक्रिया आती है। लेकिन प्रियंक खड़गे ने साफ कर दिया है कि वे इस ‘गुंडागर्दी’ के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।






