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भारत का एकमात्र राज्य बिना रेलवे स्टेशन के,एक अनोखा सफर…

India's only state without a railway station: An unique journey

Breaking Today, Digital Desk : कल्पना कीजिए भारत के एक ऐसे राज्य की, जहां ट्रेन की सीटी की आवाज सुनाई नहीं देती, जहां रेलवे फाटकों का इंतजार नहीं होता और जहां स्टेशन की भीड़भाड़ का कोई अस्तित्व ही नहीं है। यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत है भारत के खूबसूरत राज्य सिक्किम की। देश का 22वां राज्य बनने के इतने सालों बाद भी सिक्किम में एक भी रेलवे ट्रैक या स्टेशन मौजूद नहीं है।

आखिर क्या वजह है कि पहाड़ों की गोद में बसा यह मनोरम प्रदेश आज भी रेल नेटवर्क से अछूता है? इसका जवाब इसकी भौगोलिक स्थिति में छिपा है। सिक्किम हिमालय की गोद में बसा एक अत्यंत पहाड़ी राज्य है, जहां खड़ी ढलानें, गहरी घाटियां और संकरे दर्रे हैं।इस तरह के दुर्गम इलाके में रेलवे लाइन बिछाना किसी इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं होगा और इसमें आर्थिक चुनौतियां भी बहुत बड़ी हैं।

इसके अलावा, यह क्षेत्र भूवैज्ञानिक रूप से भी काफी संवेदनशील है। सिक्किम भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में आता है, जहां अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। ऐसे में यहां रेलवे के बुनियादी ढांचे का निर्माण करना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बहुत बड़ी और महंगी चुनौती है। पर्यावरण की रक्षा भी एक महत्वपूर्ण कारण है। रेलवे लाइनों के निर्माण के लिए जंगलों और पहाड़ों को काटना पड़ता, जिससे यहां के नाजुक पारिस्थितिक संतुलन पर बुरा असर पड़ सकता था।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सिक्किम बाकी दुनिया से कटा हुआ है। यहां के लोग और पर्यटक परिवहन के लिए मुख्य रूप से सड़क और हवाई मार्गों पर निर्भर हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 10 सिक्किम को पश्चिम बंगाल से जोड़ता है और पाक्योंग हवाई अड्डा हवाई संपर्क मुहैया कराता है।

लेकिन अब जल्द ही यह स्थिति बदलने वाली है। भारतीय रेलवे सिवोक-रंगपो रेल परियोजना पर तेजी से काम कर रहा है, जिसका लक्ष्य सिक्किम को देश के बाकी हिस्सों से रेल नेटवर्क के जरिए जोड़ना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 14 सुरंगें और 22 पुल शामिल होंगे और इसे अगस्त 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना की एक और खास बात यह है कि तीस्ता बाजार स्टेशन देश का पहला भूमिगत रेलवे स्टेशन होगा।इस परियोजना के पूरा होने के बाद, जो सफर सड़क मार्ग से 5 घंटे का होता है, वह ट्रेन से एक घंटे से भी कम समय में पूरा हो जाएगा।

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