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यूपी में विधायकों और मंत्रियों की बल्ले-बल्ले, नौ साल बाद हुआ वेतन और भत्तों में बंपर इजाफा…

MLAs and ministers in UP are in for a treat, salaries and allowances increased after 9 years

Breaking Today, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में विधायकों और मंत्रियों के वेतन तथा भत्तों में भारी बढ़ोतरी की गई है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने गुरुवार को विधानसभा में इस संबंध में घोषणा की. उत्तर प्रदेश विधानमंडल सदस्य एवं मंत्रीगण सुख-सुविधा अधिनियम विधेयक, 2025 को सदन में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. इस बढ़ोतरी को सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने एकमत से स्वीकार किया, जो कि नौ साल के अंतराल के बाद हुई है. आखिरी बार 2016 में वेतन-भत्तों में संशोधन किया गया था.

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को बताया कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए विधायकों और मंत्रियों की सुख-सुविधाओं में वृद्धि करना आवश्यक हो गया था. उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक समिति का गठन किया गया था, जिसकी अध्यक्षता वे स्वयं कर रहे थे. इस समिति में विपक्ष के नेताओं समेत कई वरिष्ठ सदस्य शामिल थे, जैसे माता प्रसाद पांडेय, आशीष पटेल, राजपाल बालियान, संजय निषाद, ओम प्रकाश राजभर, अराधना मिश्रा ‘मोना’ और रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’. समिति की कई बैठकों के बाद सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकला कि मौजूदा महंगाई के दौर में भत्तों में इजाफा किया जाना चाहिए.

किसके वेतन और भत्ते में कितनी हुई बढ़ोतरी?

इस विधेयक के पारित होने के बाद अब:

विधायकों का वेतन: 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है.

मंत्रियों का वेतन: 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रतिमाह हो गया है.

निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये किया गया है.

दैनिक भत्ता: 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है.

जनसेवा कार्यों हेतु दैनिक भत्ता: 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये किया गया है.

चिकित्सीय भत्ता: 30,000 रुपये से बढ़ाकर 45,000 रुपये हो गया है.

टेलीफोन भत्ता: 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया गया है.

पेंशन और अन्य सुविधाओं में भी हुआ इजाफा

सेवानिवृत्त विधायकों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है. अब पूर्व विधायकों को 25,000 रुपये की जगह 35,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी. पारिवारिक पेंशन को भी 25,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त, पूर्व विधायकों को मिलने वाले वार्षिक रेलवे कूपन की राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया है. इस राशि में से 50,000 रुपये हवाई यात्रा के लिए और 1 लाख रुपये निजी वाहन के ईंधन के लिए नकद भी लिए जा सकते हैं.

इस पूरी व्यवस्था से सरकारी खजाने पर कुल 105 करोड़ 63 लाख रुपये का वार्षिक भार पड़ेगा. वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है.

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