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कहीं आप साइलेंट हार्ट अटैक के इन संकेतों को नज़रअंदाज़ तो नहीं कर रहे…

Silent call of the heart, Are you ignoring these signs of silent heart attack...

Breaking Today, Digital Desk : अक्सर हम सोचते हैं कि हार्ट अटैक का मतलब है सीने में तेज़ दर्द, सांस उखड़ना और ज़ोरों का पसीना आना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल का दौरा खामोशी से भी दस्तक दे सकता है? इसे ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ या ‘साइलेंट मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन’ (SMI) कहा जाता है। यह उतना ही खतरनाक होता है जितना कि एक सामान्य हार्ट अटैक, लेकिन इसके लक्षण इतने हल्के और अस्पष्ट होते हैं कि लोग अक्सर इन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

साइलेंट हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, लेकिन इसके संकेत इतने सामान्य लगते हैं कि व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि उसे दिल का दौरा पड़ा है। कई बार इसका पता तब चलता है जब व्यक्ति किसी और वजह से डॉक्टर के पास जाता है और ईसीजी (ECG) या अन्य जांच करवाई जाती है।

साइलेंट हार्ट अटैक के ये छिपे हुए लक्षण आपको चौंका सकते हैं:

साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण पारंपरिक हार्ट अटैक से अलग हो सकते हैं और अक्सर लोग इन्हें एसिडिटी, थकान या मांसपेशियों का खिंचाव मानकर अनदेखा कर देते हैं। इसके कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

असामान्य थकान: बिना किसी मेहनत के भी बहुत ज़्यादा थका हुआ महसूस करना, जैसे शरीर में बिलकुल जान न हो।

सांस फूलना: थोड़ा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस लेने में तकलीफ होना।

हल्की बेचैनी: सीने में दर्द की बजाय जलन, भारीपन या दबाव महसूस होना। कई लोग इसे गैस या एसिडिटी की समस्या समझ लेते हैं।

शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द: जबड़े, गर्दन, कंधे, ऊपरी पीठ या पेट में हल्का दर्द या असुविधा महसूस होना।

पसीना और चक्कर आना: बिना किसी वजह के अचानक ठंडा पसीना आना, चक्कर जैसा महसूस होना या जी मिचलाना।

किन्हें है ज़्यादा ख़तरा?

हालांकि साइलेंट हार्ट अटैक किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका ख़तरा ज़्यादा होता है:

मधुमेह (Diabetes) के मरीज़: डायबिटीज़ के कारण नसें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे दर्द का एहसास कम हो जाता है।

उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) और हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज़।

धूम्रपान करने वाले लोग।

मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति।

जिनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा हो।

महिलाएं: महिलाओं में अक्सर हार्ट अटैक के atypical लक्षण देखने को मिलते हैं, जैसे थकान, जी मिचलाना और जबड़े में दर्द।

ख़ामोश दुश्मन से कैसे बचें?

साइलेंट हार्ट अटैक जानलेवा हो सकता है क्योंकि इसके लक्षण आसानी से पकड़ में नहीं आते। लेकिन जीवनशैली में कुछ बदलाव करके इसके ख़तरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है:

नियमित स्वास्थ्य जांच: 40 की उम्र के बाद या यदि आप हाई-रिस्क कैटेगरी में आते हैं तो नियमित रूप से बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं। ईसीजी और इको जैसे टेस्ट छिपे हुए ख़तरों का पता लगा सकते हैं।

संतुलित आहार: अपनी डाइट में फल, सब्ज़ियां और फाइबर शामिल करें। नमक और फैट का सेवन कम करें।

नियमित व्यायाम: रोज़ाना कम से कम 30 मिनट की वॉक या योग आपके दिल के लिए बहुत फायदेमंद है।

तनाव प्रबंधन: तनाव कम करने के लिए ध्यान (meditation) और प्राणायाम का सहारा लें।

नशे से दूरी: धूम्रपान और शराब का सेवन करने से बचें।

पूरी नींद लें: स्वस्थ शरीर के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत ज़रूरी है।

अपने शरीर के संकेतों को सुनना और समझना बेहद ज़रूरी है। अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण महसूस होते हैं, तो उन्हें नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। जागरूकता और समय पर की गई जांच आपकी जान बचा सकती है।

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