
Breaking Today, Digital Desk : बेंगलुरु में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने पुलिस पर ‘ड्रग्स चेकिंग’ के नाम पर उत्पीड़न करने और उसकी प्रेमिका की निजी तस्वीरें देखने का गंभीर आरोप लगाया है. यह घटना बेंगलुरु के इंदिरानगर इलाके में रात करीब 10:30 बजे हुई, जब 26 वर्षीय युवक अपने दोस्त के घर से स्कूटर पर अकेला लौट रहा था.
युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि पुलिस की बाइक ने उसे रुकने का इशारा किया. उसने इसे एक सामान्य जांच समझा और शांति से उनके सवालों के जवाब दिए. पुलिसकर्मियों ने उसे बताया कि वे गांजे (weed) की कुछ रिपोर्ट्स के कारण लोगों की जांच कर रहे हैं.
युवक के अनुसार, स्थिति तब असहज हो गई जब एक पुलिसकर्मी ने उसका फोन मांगा. किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए उसने फोन अनलॉक करके दे दिया. आरोप है कि पुलिसकर्मी ने पहले उसके कॉन्टैक्ट्स देखे और फिर गैलरी खोलने को कहा. युवक ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मेरी उम्र 26 साल है और मेरे फोन में मेरी प्रेमिका की बहुत ही निजी और स्पष्ट तस्वीरें थीं. कुछ भी अवैध नहीं था – बस व्यक्तिगत और अंतरंग.”
पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मी एक-एक करके धीरे-धीरे तस्वीरें देखने लगा, कुछ तस्वीरों को जूम करके भी देखा और अपने साथी को दिखाकर मुस्कुरा रहा था. वे एक-दूसरे से फुसफुसा रहे थे और घूर रहे थे. युवक ने कहा, “मैं बस वहीं खड़ा रहा. मैंने पहले कभी इस तरह का उल्लंघन महसूस नहीं किया था – जैसे कोई आपकी निजता को छीन रहा हो और आप असहाय खड़े हों.”
कुछ मिनटों के बाद, पुलिस ने उसे यह कहते हुए फोन लौटा दिया, “तुम्हें यह सब अपने तक ही रखना चाहिए भाई, कुछ चीजें सार्वजनिक देखने के लिए नहीं होतीं.” इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे “गांजे से दूर रहने” की चेतावनी दी और चले गए. युवक ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या इस तरह की जांच कानूनी है, क्योंकि यह किसी भी तरह से वैध जांच नहीं, बल्कि उत्पीड़न जैसा महसूस हुआ.
इस घटना ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है, जहां कई लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की है, वहीं कुछ ने युवक को अपनी प्रेमिका की इतनी निजी तस्वीरें फोन में रखने के लिए आलोचना भी की है.






