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प्रोटीन का खेल, कितना ज़रूरी, कितना ज़्यादा…

Full energy even while fasting, know the secrets of drinking water that no one will tell you...

Breaking Today, Digital Desk : क्या आप भी अपनी डाइट में प्रोटीन की मात्रा को लेकर अक्सर सोचते रहते हैं? कभी लगता है कम तो नहीं पड़ रहा, तो कभी डर लगता है कि कहीं ज्यादा न हो जाए! प्रोटीन हमारी बॉडी के लिए बहुत जरूरी है, ये तो सब जानते हैं, लेकिन सही मात्रा का अंदाजा लगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। आज हम इसी खेल को थोड़ा आसान बनाएंगे।

क्यों ज़रूरी है प्रोटीन?

प्रोटीन सिर्फ बॉडीबिल्डर्स के लिए नहीं है, बल्कि हम सभी के लिए एक सुपरहीरो जैसा है!

मांसपेशियां बनाता और सुधारता है: जिम जाओ या न जाओ, हमारी मांसपेशियों को रोज़ाना प्रोटीन की जरूरत होती है ताकि वे ठीक से काम कर सकें और मरम्मत हो सकें।

भूख कंट्रोल करता है: अगर आप वजन कम करने की सोच रहे हैं, तो प्रोटीन आपका दोस्त है। ये आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे अनचाही क्रेविंग्स कम होती हैं।

हड्डियां और बाल मजबूत: सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, प्रोटीन भी हमारी हड्डियों और बालों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

इम्यूनिटी बढ़ाता है: हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को दुरुस्त रखने में भी प्रोटीन का बड़ा हाथ है।

कितना प्रोटीन चाहिए हमें?

ये सवाल हर किसी के मन में आता है। कोई फिक्स नंबर नहीं है जो सब पर लागू हो, क्योंकि ये आपकी उम्र, वजन, लिंग और एक्टिविटी लेवल पर निर्भर करता है।

सामान्य व्यक्ति के लिए: आमतौर पर, प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर 0.8 ग्राम प्रोटीन की सलाह दी जाती है। यानी, अगर आपका वजन 60 किलो है, तो आपको लगभग 48 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होगी।

जो लोग एक्टिव हैं: अगर आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, तो आपको थोड़ी ज्यादा जरूरत पड़ सकती है, जैसे प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर 1.2 से 1.7 ग्राम।

अधिक उम्र के लोगों के लिए: बढ़ती उम्र में मांसपेशियों का नुकसान रोकने के लिए उन्हें भी थोड़ा ज्यादा प्रोटीन लेना चाहिए।

कहीं ज्यादा तो नहीं हो रहा?

कई बार लोग सोचते हैं कि जितना ज्यादा प्रोटीन, उतना अच्छा। लेकिन हर चीज की अति बुरी होती है।

किडनी पर दबाव: बहुत ज्यादा प्रोटीन लंबे समय तक लेने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

पाचन संबंधी समस्याएं: कुछ लोगों को बहुत ज्यादा प्रोटीन से कब्ज या पेट फूलने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

वजन बढ़ना: अगर आप प्रोटीन के साथ-साथ कैलोरी भी ज्यादा ले रहे हैं, तो वजन बढ़ सकता है।

कैसे जानें कि आपको पर्याप्त मिल रहा है?

अपने खाने की आदतों पर ध्यान दें। क्या आप हर मील में प्रोटीन का कोई अच्छा स्रोत शामिल करते हैं?

अच्छा स्रोत: दालें, पनीर, दही, अंडे, चिकन, मछली, टोफू, नट्स और सीड्स।

छोटे-छोटे बदलाव: अपने स्नैक्स में प्रोटीन शामिल करें, जैसे एक मुट्ठी बादाम या दही। नाश्ते में अंडे या ओट्स ले सकते हैं।

सही मात्रा में प्रोटीन लेना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। बस थोड़ी सी जानकारी और अपने शरीर की जरूरतों को समझना ज़रूरी है। अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना हमेशा एक अच्छा विचार है, खासकर अगर आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है।

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