
Breaking Today, Digital Desk : भारतीय सुरक्षाबलों ने एक सफल ऑपरेशन में पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों को ढेर कर दिया है। “ऑपरेशन महादेव” नामक इस अभियान को खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर अंजाम दिया गया, जिसमें तीन आतंकवादी मारे गए। यह ऑपरेशन भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक संयुक्त प्रयास था।
खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादी श्रीनगर के बाहरी इलाके में हरवान के घने जंगलों में छिपे हुए थे। यह जानकारी एक सैटेलाइट फोन के सिग्नल को ट्रैक करने के बाद मिली, जिसका इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा किया जा रहा था। इसी डिवाइस का इस्तेमाल पहलगाम नरसंहार के दौरान भी किया गया था।
इस पुख्ता जानकारी के आधार पर, भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर “ऑपरेशन महादेव” लॉन्च किया। इस ऑपरेशन का नाम महादेव चोटी के नाम पर रखा गया था, जो इस क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है।सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान ड्रोन और अन्य तकनीकी उपकरणों की भी मदद ली गई ताकि दुर्गम पहाड़ी और जंगली इलाके पर नजर रखी जा सके।
लगभग 14 दिनों तक चली लंबी निगरानी और खोज के बाद, सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के ठिकाने का पता लगा लिया। 28 जुलाई 2025 को, हरवान के पास लिडवास इलाके में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई। एक भीषण गोलीबारी में, सुरक्षाबलों ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए आतंकवादियों की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा, जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है।
सूत्रों के अनुसार, सुलेमान शाह पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था और वह पाकिस्तान सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) का पूर्व कमांडो भी रह चुका था। वह 2022 में भारत में घुसपैठ करने के बाद से ही आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था। जिबरान को अक्टूबर 2023 में सोनमर्ग सुरंग हमले में शामिल बताया जा रहा है।
मारे गए आतंकवादियों के पास से एक एम4 कार्बाइन, दो एके-47 राइफल, ग्रेनेड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। इस सफल ऑपरेशन को सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी लोकसभा में इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए इसे एक बड़ी सफलता बताया। यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति को दर्शाता है और यह संदेश देता है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।




