ज्योतिष और स्वास्थ्य, क्या सोते समय मुंह से लार बहना किसी कमजोर ग्रह का संकेत…
Astrology and health, is drooling while sleeping a sign of a weak planet...

Breaking Today, Digital Desk : अक्सर लोगों को, खासकर बच्चों को, सोते समय मुंह से लार बहते हुए देखा जाता है, जिसे सामान्य माना जाता है। लेकिन जब यह समस्या वयस्कों में अधिक होती है, तो वे असहज महसूस कर सकते हैं। चिकित्सा विज्ञान में इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे एलर्जी, पेट से जुड़ी समस्याएं या कोई अन्य शारीरिक परेशानी। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र इस घटना को ग्रहों की स्थिति से जोड़कर देखता है। ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में कुछ ग्रहों के कमजोर होने पर व्यक्ति के जीवन में शारीरिक और मानसिक लक्षण दिखाई देने लगते हैं, और मुंह से लार बहना भी उन्हीं में से एक हो सकता है।
लार बहने का ज्योतिषीय संबंध किस ग्रह से है?
ज्योतिष में मुंह से अत्यधिक लार बहने का संबंध मुख्य रूप से सूर्य और बुध ग्रह की कमजोर स्थिति से जोड़ा जाता है। कुछ विशेषज्ञ इसमें चंद्रमा की भूमिका को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।
कमजोर सूर्य: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा, आत्मा और स्वास्थ्य का कारक माना गया है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर या पीड़ित होता है, तो उसे पाचन और पेट से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। माना जाता है कि इसी वजह से सोते समय मुंह खुला रह जाता है और लार बहने लगती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह आदत व्यक्ति के मान-सम्मान पर भी असर डाल सकती है, क्योंकि एक मजबूत सूर्य आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा का प्रतीक है।
कमजोर बुध: बुध ग्रह को वाणी, बुद्धि, त्वचा और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) का कारक माना जाता है। जब कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है, तो यह वाणी में दोष, सीखने में कठिनाई और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी परेशानियां दे सकता है। चूंकि चेहरे की मांसपेशियों और ग्रंथियों पर नियंत्रण भी तंत्रिका तंत्र का ही एक हिस्सा है, कमजोर बुध के कारण व्यक्ति का इन पर नियंत्रण कम हो सकता है, जो अत्यधिक लार बनने या उसके बहने का कारण हो सकता है।
चंद्रमा का प्रभाव: चंद्रमा मन और शरीर में मौजूद तरल पदार्थों का प्रतिनिधित्व करता है। कुंडली में चंद्रमा की कमजोर स्थिति भी शरीर के तरल पदार्थों में असंतुलन पैदा कर सकती है, जो इस समस्या में एक भूमिका निभा सकता है।
क्या हैं ज्योतिषीय उपाय?
यदि आप इस समस्या से परेशान हैं और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इसका समाधान चाहते हैं, तो संबंधित ग्रहों को मजबूत करने के उपाय कर सकते हैं:
सूर्य को मजबूत करने के लिए: प्रतिदिन सुबह सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें। रविवार के दिन गुड़ और तांबे का दान करना भी लाभकारी माना जाता है।
बुध को मजबूत करने के लिए: बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें। हरे रंग की वस्तुओं का उपयोग और दान करना भी बुध को बल देता है





