
Breaking Today, Digital Desk : उत्तरकाशी में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है. समाजवादी पार्टी (सपा) के एक नेता के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे हिंदुओं का अपमान और आपदा का सांप्रदायिकरण करने का प्रयास बताया है. यह विवाद सपा के पूर्व सांसद एस.टी. हसन के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अन्य धर्मों का सम्मान नहीं किया जा रहा है और जब ऊपरवाला न्याय करता है तो कोई नहीं बचा सकता.
बीजेपी नेताओं ने इस टिप्पणी को विभाजनकारी और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने वाला बताया है. उन्होंने इसे वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित एक शर्मनाक बयान करार दिया, जो बाढ़ पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि यह समाजवादी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है, जो प्राकृतिक त्रासदियों पर भी सांप्रदायिक राजनीति करने से नहीं चूकती.
यह घटना उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने और भूस्खलन से हुई भारी तबाही के बीच हुई है, जहाँ कई लोगों की जान चली गई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है. केंद्र और राज्य सरकारें राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं.






