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गुरु नानक जयंती पर सीएम योगी का बयान, धर्मांतरण को लेकर कही ये बड़ी बात…

CM Yogi's statement on Guru Nanak Jayanti, said this important thing about religious conversion...

Breaking Today, Digital Desk : गुरु नानक देव जी का प्रकाश उत्सव एक ऐसा पावन अवसर है जो हम सभी को प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश देता है। इसी शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व में शामिल हुए और अपने विचार साझा किए। उनका संबोधन काफी महत्वपूर्ण था, खासकर जब उन्होंने सिखों के धर्मांतरण को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु नानक देव जी ने हमें एक ऐसे समाज की कल्पना दी थी जहां सभी लोग बिना किसी भेदभाव के मिलकर रहें। उन्होंने जाति, धर्म और ऊंच-नीच की भावनाओं से ऊपर उठकर मानवता की सेवा का मार्ग दिखाया। ऐसे में, जब सिख समुदाय के लोगों के धर्मांतरण की खबरें आती हैं, तो यह वाकई चिंता का विषय बन जाता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत एक ऐसा देश है जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। यहां हर व्यक्ति को अपनी मर्जी से किसी भी धर्म का पालन करने की आजादी है, लेकिन जबरन या बहकावे में धर्मांतरण करवाना न तो हमारे संविधान के अनुरूप है और न ही हमारी भारतीय संस्कृति के। सीएम योगी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सिख धर्म ने देश की एकता और अखंडता के लिए बड़े बलिदान दिए हैं। गुरुओं ने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपनी जान तक न्योछावर कर दी। ऐसे में, इस समुदाय को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी तरह के अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी व्यक्ति को उसके धर्म के नाम पर निशाना न बनाया जाए और न ही किसी को जबरन अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जाए। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम गुरु नानक देव जी के आदर्शों का पालन करें और एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहां शांति और भाईचारा बना रहे।

गुरु नानक देव जी का प्रकाश उत्सव हमें याद दिलाता है कि हमें हमेशा सच्चाई के मार्ग पर चलना चाहिए और समाज में प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा देना चाहिए। सीएम योगी का यह बयान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह सुनिश्चित करता है कि सरकार धार्मिक स्वतंत्रता के महत्व को समझती है और उसकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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