
Breaking Today, Digital Desk : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में प्रस्तावित सुधारों को लेकर केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच श्रेय लेने की होड़ शुरू हो गई है। कांग्रेस ने दावा किया है कि सरकार जिन सुधारों की बात कर रही है, वे मूल रूप से उसके सुझावों का हिस्सा हैं। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के इस दावे को “दुस्साहस” करार देते हुए पलटवार किया है।
कांग्रेस पार्टी ने हालिया घोषणाओं के बाद जीएसटी सुधार योजनाओं का श्रेय लेना शुरू कर दिया है। पार्टी का कहना है कि वह लंबे समय से इन बदलावों की वकालत कर रही थी और सरकार ने आखिरकार विपक्ष की बात पर ध्यान दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि उनकी पार्टी ने ही एक सरल और प्रभावी जीएसटी का विचार पेश किया था, जिसे भाजपा सरकार ने ठीक से लागू नहीं किया।
दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर राजनीतिक अवसरवादिता का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस का यह दुस्साहस है कि वह इन सुधारों का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। सरकार का पक्ष है कि जीएसटी में सुधार एक सतत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य कर प्रणाली को और अधिक सरल और प्रभावी बनाना है। भाजपा ने याद दिलाया कि जब जीएसटी लागू किया जा रहा था, तब कांग्रेस ने इसका विरोध किया था और इसे “गब्बर सिंह टैक्स” तक कहा था।
यह राजनीतिक खींचतान ऐसे समय में हो रही है जब सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए जीएसटी में महत्वपूर्ण बदलाव करने की तैयारी कर रही है। इन सुधारों का लक्ष्य व्यापारियों और आम जनता पर कर के बोझ को कम करना और कर-अनुपालन को आसान बनाना है। हालांकि, इस पर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी ने सुधारों की प्रक्रिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।






