अंतिम संस्कार से ठीक पहले, ब्रेन-डेड बेटे ने फिर से ली साँसें – चमत्कार या कुछ और…
Just before the funeral, the brain-dead son breathed again - miracle or something else...

Breaking Today, Digital Desk : किसी परिवार पर क्या बीतती होगी जब उन्हें बताया जाए कि उनका जवान बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। महाराष्ट्र के जालना जिले में एक परिवार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, लेकिन उनकी कहानी में एक ऐसा मोड़ आया जिसने सबको चौंका दिया।
19 साल के प्रकाश लोणारे को डॉक्टर्स ने ब्रेन-डेड घोषित कर दिया था। परिवार ने अपने कलेजे के टुकड़े को खोने का दर्द झेला और उसके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। गाँव में सब इकट्ठा थे, बस कुछ ही मिनटों में प्रकाश को अंतिम विदाई दी जानी थी। माहौल गमगीन था, हर आँख नम थी।
तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ जिस पर किसी को यकीन नहीं हुआ। प्रकाश के शरीर में हल्की सी हरकत हुई। पहले तो लोगों को लगा कि यह शायद उनका वहम है, लेकिन नहीं! प्रकाश सचमुच हिल रहा था। परिवार ने देखा तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। जो बेटा कुछ देर पहले तक बेजान पड़ा था, उसमें जीवन के लक्षण दिख रहे थे।
यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। आनन-फानन में प्रकाश को वापस अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर्स भी इस घटना से हैरान थे। हालांकि, अभी यह कहना मुश्किल है कि प्रकाश पूरी तरह से ठीक हो जाएगा, लेकिन उसमें जीवन के संकेत दिखना ही अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है।
यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे कुदरत का करिश्मा मान रहे हैं। यह कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या विज्ञान से परे भी कुछ ऐसा है, जो ऐसे समय में उम्मीद जगाता है जब सारी उम्मीदें खत्म हो जाती हैं। प्रकाश का परिवार अब बस यही दुआ कर रहा है कि उनका बेटा जल्द से जल्द ठीक हो जाए।






