
Breaking Today, Digital Desk : आपको याद होगा, कुछ समय पहले कनाडा और अमेरिका के बीच टैरिफ (आयात शुल्क) को लेकर थोड़ी तनातनी चल रही थी। इसी दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक बात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से माफ़ी मांगी थी। ये पूरा मामला क्या था, चलिए समझते हैं।
दरअसल, हुआ ये था कि कनाडा ने अमेरिका में स्टील और एल्यूमीनियम पर लगाए गए टैरिफ के जवाब में अपने यहां भी अमेरिकी सामानों पर कुछ टैरिफ लगा दिए थे। इसी बीच, कनाडा में एक विज्ञापन अभियान चलाया गया था। ये विज्ञापन कनाडा सरकार की तरफ़ से उन कैनेडियन कंपनियों को जागरूक करने के लिए थे, जिन पर अमेरिकी टैरिफ का असर पड़ रहा था। इन विज्ञापनों में दिखाया गया था कि कनाडा सरकार इन कंपनियों के साथ खड़ी है और उनकी मदद कर रही है।
लेकिन, अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ये विज्ञापन बिलकुल पसंद नहीं आए। उन्हें लगा कि ये विज्ञापन अमेरिका और उनके फ़ैसलों के ख़िलाफ़ थे। ख़बरों के मुताबिक, ट्रंप इस बात से काफ़ी नाराज़ थे और उन्होंने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर भी की थी।
जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को ट्रंप की नाराज़गी का पता चला, तो उन्होंने तुरंत उनसे संपर्क किया। ट्रूडो ने बाद में बताया कि उन्होंने ट्रंप से उन विज्ञापनों को लेकर माफ़ी मांगी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन विज्ञापनों का मक़सद किसी को नाराज़ करना नहीं था, बल्कि सिर्फ़ कैनेडियन कंपनियों को यह बताना था कि उनकी सरकार उनके साथ है। ट्रूडो ने यह भी कहा कि अगर ट्रंप को उन विज्ञापनों से ठेस पहुंची है, तो उन्हें इसका अफ़सोस है।
इस घटना से यह बात सामने आई कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में छोटी सी बात भी कभी-कभी बड़े मसले का रूप ले सकती है, और नेताओं को कूटनीति का ध्यान रखते हुए बयान और विज्ञापन जारी करने पड़ते हैं।




