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लखनऊ नगर निगम में BJP पार्षद और मेयर में हुई तीखी बहस, जानिए क्या है पूरा मामला…

There was a heated debate between the BJP councilor and the mayor in Lucknow Municipal Corporation, know what is the whole matter...

Breaking Today, Digital Desk : लखनऊ नगर निगम की बैठक अक्सर शहर के विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए होती है, लेकिन इस बार की बैठक में कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया। बीजेपी के एक पार्षद ने सीधे तौर पर मेयर पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद माहौल गरमा गया और मेयर को भी कड़े शब्दों में जवाब देना पड़ा।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, बैठक के दौरान एक बीजेपी पार्षद ने मेयर पर ‘तानाशाही’ का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बात सुनी नहीं जा रही है और न ही उनके क्षेत्र के कामों को प्राथमिकता मिल रही है। पार्षद का आरोप था कि मेयर कुछ खास पार्षदों को ही तवज्जो दे रही हैं और बाकी को नजरअंदाज किया जा रहा है। ये आरोप काफी गंभीर थे और इनसे बैठक में मौजूद बाकी सदस्य भी सकते में आ गए।

मेयर का पलटवार:

पार्षद के आरोपों को सुनकर मेयर भी चुप नहीं बैठीं। उन्होंने तुरंत पलटवार करते हुए पार्षद को ‘तमीज से बोलने’ की नसीहत दे डाली। मेयर ने कहा कि वे निराधार आरोप लगा रहे हैं और बैठक की गरिमा को भंग कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि नगर निगम में सभी पार्षदों की बात सुनी जाती है और कोई भेदभाव नहीं किया जाता। मेयर ने पार्षद को नियमों का पालन करने और मर्यादा में रहकर बात करने की हिदायत भी दी।

बैठक में गरमाया माहौल:

इस तीखी बहस के बाद बैठक का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। कुछ देर के लिए तो ऐसा लगा जैसे कार्यवाही रुक जाएगी। हालांकि, अन्य पार्षदों और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और बैठक आगे बढ़ सकी।

आगे क्या?

यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना के बाद नगर निगम में मेयर और पार्षदों के बीच के संबंध कैसे रहते हैं। ऐसे आरोप-प्रत्यारोप अक्सर राजनीतिक गलियारों में गरमाहट पैदा करते हैं और इसका असर शहर के विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है। उम्मीद है कि सभी सदस्य मिलकर शहर के हित में काम करेंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जाएगा।

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